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Panipat News: सीएम नायब सैनी ने पानीपत को दी 40 इलेक्ट्रिक बसों की सौगात, डिपो का भी किया उद्घाटन

AAmandeep Singh
Panipat News: सीएम नायब सैनी ने पानीपत को दी 40 इलेक्ट्रिक बसों की सौगात, डिपो का भी किया उद्घाटन
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पानीपत। टेक्सटाइल सिटी पानीपत और उसके आस-पास के इलाकों के दैनिक यात्रियों के लिए आज का दिन एक बड़े बदलाव का गवाह बना। जिले के लोगों को प्रदूषण मुक्त, आधुनिक और आरामदायक सफर की सौगात देते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पुराना बस अड्डा प्रांगण में नवनिर्मित इलेक्ट्रिक बस डिपो का फीता काटा। इस भव्य समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने पानीपत, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, सोनीपत और पंचकूला जिलों के बेड़े के लिए कुल 80 नई लो-फ्लोर एसी इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस खास मौके पर कैबिनेट मंत्री महिपाल ढांडा, राज्यसभा सांसद कृष्ण लाल पंवार, नवनियुक्त भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता और स्थानीय विधायक प्रमोद विज सहित कई दिग्गज नेता मौजूद रहे।

‘पानीपत की धरती पर प्रदूषण के खिलाफ चौथा युद्ध शुरू’

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समारोह को संबोधित करते हुए सूबे के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने पानीपत के ऐतिहासिक संदर्भ को जोड़ते हुए एक बड़ी बात कही। उन्होंने कहा, “पानीपत की ऐतिहासिक धरती ने इतिहास में तीन बड़े युद्ध देखे हैं, लेकिन आज से यहां चौथा युद्ध शुरू हो गया है। यह हमारी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ आबोहवा देने के लिए ‘प्रदूषण के खिलाफ युद्ध’ है।” शिक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि एक समय था जब पूरा शहर ट्रैफिक जाम और धुएं से कराहता था, लेकिन पहले बस स्टैंड को बाहर शिफ्ट करना और अब इन ई-बसों का उतरना, शहर को सांस लेने की जगह देगा। उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छी किताबों के साथ अच्छी हवा देना भी सरकार की प्राथमिकता है।

150 किमी की रफ्तार और हर सीट पर सुरक्षा का ‘पैनिक बटन’

तकनीकी लिहाज से ये बसें बेहद हाईटेक हैं। जेबीएम कंपनी द्वारा तैयार की गई ये ई-बसें एक बार फुल चार्ज होने पर 150 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकती हैं। महिला और आम यात्रियों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए हर बस के भीतर 7 सीसीटीवी कैमरे इंस्टॉल किए गए हैं। सबसे खास बात यह है कि प्रत्येक सीट के पास एक एसओएस (SOS) इमरजेंसी अलार्म बटन दिया गया है। सफर के दौरान किसी भी आपात स्थिति में यदि कोई यात्री इस बटन को दबाता है, तो इसकी सीधी सूचना तुरंत ड्राइवर के डैशबोर्ड और डिपो के मुख्य कंट्रोल रूम को फ्लैश हो जाएगी, जिससे फौरन मदद पहुंचाई जा सके।

रोडवेज के कंडक्टर और निजी कंपनी के ड्राइवर संभालेंगे कमान

इन बसों के संचालन के लिए एक हाइब्रिड मॉडल तैयार किया गया है। बसों को चलाने वाले 110 ड्राइवर जेबीएम कंपनी के होंगे, जबकि टिकट काटने की जिम्मेदारी हरियाणा रोडवेज के कंडक्टरों की होगी। विभाग ने इस बेड़े में सोनिया और रजनी नाम की दो महिला कंडक्टरों को भी तैनात किया है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अच्छा कदम है। जब तक इन बसों में इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन (ETM) पूरी तरह चालू नहीं हो जाती, तब तक कंडक्टर पारंपरिक तरीके से टिकट बुक करेंगे।

पास धारकों को नहीं मिलेगी एंट्री, जीएम ने साफ किए नियम

पानीपत रोडवेज डिपो के महाप्रबंधक (GM) विक्रम कंबोज ने ई-बसों के नियमों को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। उन्होंने बताया कि यह सेवा पूरी तरह प्रीमियम श्रेणी की है, इसलिए इन वातानुकूलित बसों में हरियाणा रोडवेज के सामान्य पास, सीनियर सिटीजन कंसेशन या हाल ही में शुरू किया गया ‘हैप्पी कार्ड’ मान्य नहीं होगा। सफर करने वाले हर मुसाफिर को टिकट लेनी होगी। हालांकि, 5 साल तक के बच्चों के लिए यह सफर पूरी तरह मुफ्त रहेगा, जबकि 5 से 12 साल तक के बच्चों का आधा टिकट लगेगा।

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