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Cockroach Janta Party: 6 जून को भारत लौटेंगे 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दिपके, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का किया ऐलान

AAmandeep Singh
Cockroach Janta Party: 6 जून को भारत लौटेंगे 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दिपके, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का किया ऐलान
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दिल्ली। डिजिटल स्पेस में रातों-रात सुर्खियां बटोरने वाली ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ वास्तव में कोई मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक सोशल मीडिया आधारित सटायर (राजनीतिक व्यंग्य) पेज है। इसकी शुरुआत तब हुई जब भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने हाल ही में एक मामले के दौरान ‘कॉकरोच’ संबंधी टिप्पणी की थी। इसी को आधार बनाकर महाराष्ट्र के संभाजी नगर के रहने वाले 30 वर्षीय डिजिटल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट अभिजीत दिपके ने 16 मई को सीजेपी (CJP) नाम से एक पेज बनाया।

पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले अभिजीत का राजनीतिक कनेक्शन नया नहीं है। वे साल 2020 से 2022 तक अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (AAP) के सोशल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट रह चुके हैं और दिल्ली विधानसभा चुनाव में ‘आप’ के वायरल मीम कैंपेन के पीछे उन्हीं का दिमाग था। बाद में आर्थिक स्थिरता के लिए वे अमेरिका चले गए, जहां फिलहाल वे बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस में मास्टर्स कर रहे हैं। अमेरिका में रहने के बावजूद वे लगातार केंद्र सरकार की नीतियों और किसान आंदोलन जैसे मुद्दों पर मुखर रहे हैं।

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दिल्ली हाईकोर्ट का अंतरिम राहत से इनकार; कानून अभी शुरुआती दौर में

अभिजीत दिपके ने केंद्र सरकार के उस आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसके तहत उनके अकाउंट को पूरी तरह फ्रीज कर दिया गया था। याचिकाकर्ता के वकील नकुल गांधी ने दलील दी कि सीजेपी सिर्फ एक सामाजिक-राजनीतिक व्यंग्य है, और अगर कोई विशिष्ट पोस्ट आपत्तिजनक थी, तो केवल उसे हटाया जाना चाहिए था, न कि पूरे अकाउंट को।

हालांकि, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव की बेंच ने बिना सरकार का पक्ष सुने कोई भी आदेश देने से मना कर दिया। अदालत ने कहा:

“इस मामले के व्यापक प्रभाव और दूरगामी परिणाम हो सकते हैं। फिलहाल ब्लॉकिंग ऑर्डर की पूरी वजह न तो याचिकाकर्ता को पता है और न ही कोर्ट के सामने है। कानून अभी इस विषय पर शुरुआती दौर में है।”

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है जैसे सोशल मीडिया इंटरमीडियरी (X) याचिकाकर्ता की मदद कर रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जरूरत पड़ने पर पूरा रिकॉर्ड कोर्ट के सामने सीलबंद लिफाफे में रखा जाएगा। मामले की अगली सुनवाई अब 6 जुलाई को होगी।

‘कॉकरोच मरते नहीं’ — नए हैंडल से वापसी और अदालती घेरेबंदी

21 मई को जब सीजेपी का मूल अकाउंट ब्लॉक किया गया, तो उसके पास करीब दो लाख फॉलोअर्स की कम्युनिटी थी। इस डिजिटल कार्रवाई के तुरंत बाद संगठन ने ‘कॉकरोच इज बैक’ नाम से नया हैंडल बना लिया, जिसके बायो में लिखा है— “कॉकरोच डोंट डाय” (कॉकरोच मरते नहीं)। नए अकाउंट की लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सोमवार दोपहर तक इसके फॉलोअर्स का आंकड़ा 2.40 लाख को पार कर चुका था।

खुफिया तंत्र (IB) के इनपुट और इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की सख्त कार्रवाई के बाद यह मामला अब पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है। अब सबकी निगाहें 6 जून पर टिकी हैं, जब बोस्टन से लौटकर अभिजीत दिपके दिल्ली की सड़कों पर उतरेंगे।

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