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Delhi Elevated Ring Road: दिल्ली में जाम की छुट्टी! मुकरबा चौक से आश्रम तक बनेगा 7,000 करोड़ का एलिवेटेड रिंग रोड

AAmandeep Singh
दिल्ली में जाम की छुट्टी! मुकरबा चौक से आश्रम तक बनेगा 7,000 करोड़ का एलिवेटेड रिंग रोड
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दिल्ली। दिल्ली की रफ्तार पर लगा ‘जाम का ब्रेक’ अब इतिहास बनने वाला है। दिल्लीवासियों के लिए एक राहत भरी खबर है कि उत्तर से दक्षिण दिल्ली तक का सफर भविष्य में फर्राटेदार होगा। लोक निर्माण विभाग (PWD) की बहुप्रतीक्षित ‘एलिवेटेड रिंग रोड’ परियोजना ने अब गति पकड़ ली है। 7,000 करोड़ रुपये की इस मेगा परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार हो चुकी है, जिस पर अब तकनीकी विशेषज्ञों की पैनी नजर है।

क्या है दिल्ली का ‘एलिवेटेड रिंग रोड’ प्लान?

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मौजूदा रिंग रोड के ऊपर एक नया एलिवेटेड कॉरिडोर तैयार करना दिल्ली सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती और उतनी ही बड़ी जरूरत है। यह 55 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर मुकरबा चौक (करनाल बाईपास) को सीधे आश्रम फ्लाईओवर से जोड़ने का काम करेगा। दिल्ली का यह मार्ग इन दिनों सबसे अधिक ट्रैफिक वाले रूटों में शुमार है, जहां पीक आवर्स में मुकरबा चौक से आश्रम तक पहुंचने में घंटों लग जाते हैं।

इस कॉरिडोर के निर्माण को अलग-अलग चरणों में बांटा गया है ताकि निर्माण कार्य के दौरान मौजूदा ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह ठप न हो। शुरुआती चरणों में आजादपुर से हनुमान मंदिर, चंदगीराम अखाड़े से मजनू का टीला और हनुमान मंदिर से डीएनडी (DND) फ्लाईओवर के बीच का निर्माण कार्य प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाएगा।

समय और ईंधन की होगी भारी बचत

PWD मंत्री प्रवेश वर्मा के अनुसार, इस कॉरिडोर का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि यात्रियों को मुकरबा चौक, आजादपुर, आईएसबीटी और डीएनडी के उन प्रमुख चौराहों पर नहीं रुकना पड़ेगा जहां ट्रैफिक लाइट पर लंबे जाम लगते हैं। बिना किसी रुकावट के सीधे कनेक्टिविटी मिलने से यात्रा के समय में तो कटौती होगी ही, साथ ही वाहनों के ईंधन की भी बड़ी बचत होगी। ईंधन की खपत कम होने का सीधा असर शहर के प्रदूषण स्तर पर भी पड़ेगा, जो दिल्ली जैसे महानगर के लिए एक सुखद बदलाव होगा।

शहरी परिवहन का ‘नया चेहरा’

अधिकारियों का दावा है कि तकनीकी जांच पूरी होते ही निर्माण कार्यों के टेंडर की प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी। दिल्ली के ट्रैफिक मैनेजमेंट में यह अब तक की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक है। मुकरबा चौक से शुरू होकर आश्रम तक जाने वाला यह एलिवेटेड रूट, दक्षिण दिल्ली की लाइफलाइन बन जाएगा और मुसाफिरों को धूल-मिट्टी और जाम के शोर से दूर एक स्मूथ ड्राइव का अनुभव कराएगा।

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