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Delhi Mumbai Expressway Update: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे अपडेट: कोटा की 5KM लंबी 8-लेन टनल तैयार, अब 10 घंटे में पहुंचेंगे वडोदरा

AAmandeep Singh
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे अपडेट: कोटा की 5KM लंबी 8-लेन टनल तैयार, अब 10 घंटे में पहुंचेंगे वडोदरा
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दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा से गुजरात-महाराष्ट्र की ओर रुख करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (DME) के सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सों में से एक, कोटा की 8-लेन टनल का निर्माण कार्य आधिकारिक तौर पर संपन्न हो गया है। एनएचएआई (NHAI) अब इसे अगले महीने से आम जनता के लिए खोलने की तैयारियों में जुट गया है। यह टनल इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना है, जिसे राजस्थान के मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के नीचे बनाया गया है। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि एक्सप्रेसवे की गाड़ियां जमीन के नीचे से गुजरेंगी और ऊपर जंगल में वन्यजीवों की शांति में कोई खलल नहीं पड़ेगा।

आधे समय में तय होगा गुरुग्राम से वडोदरा का फासला

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इस एक्सप्रेसवे की शुरुआत गुरुग्राम के सोहना (अलीपुर) से होती है। कोटा के पास इस टनल के चालू होने से गुरुग्राम से वडोदरा तक का सफर अब पहले के मुकाबले आधा रह जाएगा। जहां पहले खराब सड़कों और ट्रैफिक के कारण करीब 20 घंटे लगते थे, वहीं अब यह दूरी महज 10 घंटे में सिमट जाएगी। टनल न केवल समय बचाएगी, बल्कि कोटा के पास जो 25 किलोमीटर का अतिरिक्त घुमावदार चक्कर काटना पड़ता था, उससे भी यात्रियों को मुक्ति मिल जाएगी। आधुनिक तकनीक से लैस इस टनल के भीतर सुरक्षा और लाइटिंग के विश्वस्तरीय इंतजाम किए गए हैं।

वन्यजीवों के लिए ‘सेफ पैसेज’ और यात्रियों के लिए ‘ग्रीनफील्ड’ अनुभव

मुकुंदरा हिल्स में टनल बनाने का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन बनाना था। टनल के ऊपर से गुजरने वाले बाघों और अन्य जीव-जंतुओं को नीचे से गुजरने वाले ट्रैफिक का शोर तक सुनाई नहीं देगा। एक्सप्रेसवे का यह हिस्सा दिल्ली और मुंबई को जोड़ने वाले 1380 किलोमीटर लंबे प्रोजेक्ट की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। अधिकारियों के मुताबिक, वडोदरा से मुंबई के बीच का बाकी काम भी इसी साल जून तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद गुरुग्राम से सपनों की नगरी मुंबई तक का सफर महज 12 घंटे में मुमकिन हो सकेगा।

पांच राज्यों और कई शहरों को मिलेगा बूस्ट

यह एक्सप्रेसवे केवल दो महानगरों को ही नहीं जोड़ रहा, बल्कि हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र के आर्थिक पहिये को भी गति दे रहा है। गुरुग्राम से निकलकर यह रूट अलवर, जयपुर, दौसा, कोटा, उज्जैन, वडोदरा और सूरत जैसे प्रमुख व्यापारिक केंद्रों को छूता है। इस टनल के शुरू होने से न केवल लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी, बल्कि राजस्थान और गुजरात के पर्यटन को भी बड़ी मजबूती मिलेगी। जून तक पूरा एक्सप्रेसवे चालू होने के बाद यह देश की सड़क कनेक्टिविटी के इतिहास में सबसे बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।

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