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Delhi Mumbai Expressway Rules: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बदला नियम, बिना इंडिकेटर लेन बदलना अब पड़ेगा भारी

AAmandeep Singh
Delhi Mumbai Expressway Rules: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बदला नियम,  बिना इंडिकेटर लेन बदलना अब पड़ेगा भारी
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दिल्ली। देश के सबसे आधुनिक और रफ़्तार के सौदागर कहे जाने वाले दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों के लिए एक बड़ी और जरूरी खबर है। अगर आप भी इस एक्सप्रेसवे पर गाड़ी दौड़ाते समय अक्सर बिना सोचे-समझे लेन बदलते हैं, तो अपनी यह आदत तुरंत सुधार लीजिए। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) इस हाईवे पर होने वाले जानलेवा हादसों को रोकने के लिए एक बेहद सख्त और हाई-टेक सिस्टम लागू करने जा रहा है। एक्सप्रेसवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों के सॉफ्टवेयर को एक नए और आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सिस्टम से अपडेट किया जा रहा है, जिससे ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों का मौके पर ही स्वतः (ऑटोमैटिक) चालान कट जाएगा।

रफ्तार के खेल में लेन का गणित; समझिए किस लेन की क्या है सीमा

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इस एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की अधिकतम रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटा तय है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप किसी भी लेन में इस स्पीड से गाड़ी चला सकते हैं। NHAI के नियमों के मुताबिक, एक्सप्रेसवे की तीसरी और चौथी लेन को सबसे तेज रफ्तार यानी 120 किमी/घंटे के लिए रिजर्व रखा गया है। वहीं, दूसरी लेन में चलने वाले वाहनों के लिए 100 किमी/घंटे और पहली (सबसे बाईं) लेन के लिए 80 किमी/घंटे की रफ्तार तय की गई है। समस्या तब खड़ी होती है जब धीमी गति से चल रहे भारी वाहन अचानक रफ्तार वाली लेन के सामने आ जाते हैं।

मेवात और सोहना रूट पर सबसे ज्यादा खतरा, भारी वाहन बनते हैं काल

हादसों के आंकड़ों को खंगालें तो पता चलता है कि एक्सप्रेसवे पर होने वाली अधिकांश टक्करों के पीछे ‘लेन डिसिप्लिन’ का न होना है। अक्सर डंपर, कंटेनर और ट्रक चालक बिना कोई इंडिकेटर या सिग्नल दिए अचानक अपनी लेन बदलकर तेज रफ्तार वाली लेन में घुस जाते हैं। ऐसे में 120 की स्पीड से पीछे से आ रही कार के ड्राइवर को संभलने का मौका नहीं मिलता और भीषण भिड़ंत हो जाती है। अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली से सटे हरियाणा के मेवात और सोहना वाले हिस्से में इस तरह के हादसे डराने वाले स्तर तक बढ़े हैं, जिसके चलते इस तकनीक को जल्द से जल्द लागू किया जा रहा है।

हर 2 किलोमीटर पर कैमरों का पहरा, अगले हफ्ते से हरियाणा में काम शुरू

NHAI के सोहना परियोजना निदेशक पीके कौशिक ने बताया कि राजस्थान के दायरे में आने वाले रूट पर कैमरों का सॉफ्टवेयर पहले ही बदला जा चुका है और वहां इसका ट्रायल सफल रहा है। अब अगले हफ्ते से हरियाणा के हिस्से में आने वाले कैमरों को इस नई तकनीक से लैस करने का काम शुरू कर दिया जाएगा। आपको बता दें कि इस एक्सप्रेसवे पर हर 2 किलोमीटर की दूरी पर कैमरे लगे हैं, जो आगे और पीछे करीब 500-500 मीटर के दायरे में चल रही एक-एक गतिविधि को कैद करते हैं। नया सॉफ्टवेयर आते ही ये कैमरे लेन काटने वाली गाड़ियों की नंबर प्लेट रीड कर तुरंत ई-चालान जेनरेट कर देंगे।

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