Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Munak Canal Elevated Corridor: दिल्ली-हरियाणा आने-जाने वालों की बल्ले-बल्ले: मुनक नहर पर बनेगा 16 किमी लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर

AAmandeep Singh
दिल्ली-हरियाणा आने-जाने वालों की बल्ले-बल्ले: मुनक नहर पर बनेगा 16 किमी लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

हरियाणा। राजधानी दिल्ली से हरियाणा के औद्योगिक और रिहायशी इलाकों की ओर आवाजाही करने वाले लाखों वाहन चालकों के लिए यह एक बड़ी खुशखबरी है। सालों से मुकरबा चौक और आसपास की सड़कों पर लगने वाले भीषण जाम से निजात दिलाने के लिए सरकार ने एक मास्टर प्लान तैयार किया है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) और दिल्ली सरकार के साझा प्रयासों से मुनक नहर के समानांतर 16 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड बनाने की योजना को अब सैद्धांतिक मंजूरी (In-principle approval) मिल गई है।

इंद्रलोक से बवाना तक सिग्नल-फ्री सफर

विज्ञापन

यह कॉरिडोर इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन से शुरू होकर शालीमार बाग, दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU), बवाना और बादली इंडस्ट्रियल एरिया को कवर करेगा। इस एलिवेटेड रोड की खासियत यह होगी कि यह पूरी तरह सिग्नल-फ्री होगा। इससे न केवल समय की भारी बचत होगी, बल्कि बवाना और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में जाने वाले भारी वाहनों को शहर के अंदरूनी हिस्सों से नहीं गुजरना पड़ेगा, जिससे स्थानीय ट्रैफिक का लोड भी कम हो जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे यात्रा के समय में करीब आधे घंटे तक की कटौती होगी।

4,600 करोड़ का निवेश और दिल्ली सरकार का ‘फंड’

इस विशालकाय परियोजना पर करीब 4,600 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है। चूंकि यह सड़क तकनीकी रूप से जटिल है, इसलिए दिल्ली सरकार ने इसके निर्माण का जिम्मा NHAI को देने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा था। अब चूंकि सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है, तो दिल्ली सरकार ही इस प्रोजेक्ट के लिए फंड मुहैया कराएगी। हालांकि, अभी तकनीकी मूल्यांकन (Technical Assessment) का चरण बाकी है, जिसके बाद ही निर्माण का काम शुरू होगा।

हरियाणा सिंचाई विभाग की NOC का इंतजार

इस कॉरिडोर के निर्माण में एक बड़ा पेच यह है कि जिस जमीन पर इसका निर्माण होना है, वह हरियाणा के सिंचाई विभाग के अंतर्गत आने वाली मुनक नहर के साथ लगती है। प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने के लिए हरियाणा सिंचाई विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मिलना अनिवार्य है। अधिकारियों का कहना है कि औपचारिकताएं तेजी से पूरी की जा रही हैं। जैसे ही विभाग से हरी झंडी मिलती है, दिल्ली सरकार औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर देगी।

UER-2 से मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी

इस कॉरिडोर का सबसे महत्वपूर्ण पहलू इसका ‘अर्बन एक्सटेंशन रोड-2’ (UER-2) के साथ जुड़ना है। UER-2 से जुड़ने के बाद यह आउटर रिंग रोड नेटवर्क का एक अभिन्न हिस्सा बन जाएगा। इससे हरियाणा की ओर से आने वाले ट्रैफिक के लिए एक नया और सुगम रास्ता खुल जाएगा, जो मुकरबा चौक के ट्रैफिक घनत्व को काफी हद तक नियंत्रित करेगा। पर्यावरण की दृष्टि से भी देखें तो ट्रैफिक जाम कम होने से गाड़ियों का कार्बन उत्सर्जन कम होगा, जिससे दिल्ली की हवा में भी सुधार की उम्मीद है।

विज्ञापन

हरियाणा की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।