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Delhi NCR Truck Strike: दिल्ली-NCR में ट्रकों की हड़ताल: 21 मई से थम जाएंगे पहिए, ग्रीन टैक्स के खिलाफ ट्रांसपोर्टरों का हल्लाबोल

AAmandeep Singh
दिल्ली-NCR में ट्रकों की हड़ताल: 21 मई से थम जाएंगे पहिए, ग्रीन टैक्स के खिलाफ ट्रांसपोर्टरों का हल्लाबोल
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हरियाणा। राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में 21 मई से जरूरी सामानों की किल्लत हो सकती है। एनजीटी (NGT) टैक्स और ग्रीन टैक्स में बेतहाशा बढ़ोतरी के खिलाफ ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) ने आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। ट्रांसपोर्टरों ने साफ कर दिया है कि 21, 22 और 23 मई को दिल्ली-एनसीआर में मालवाहक वाहनों का पहिया पूरी तरह जाम रहेगा। यह केवल एक सांकेतिक विरोध है, लेकिन इसकी तपिश पूरे उत्तर भारत में महसूस की जाएगी।

“धोखा हुआ है हमारे साथ” – ट्रांसपोर्टरों का सीधा आरोप

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पानीपत में आयोजित ट्रक मालिकों की एक हंगामी बैठक में सरकार और सीएक्यूएम (CAQM) के खिलाफ जमकर गुबार निकला। AIMTC के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरीश सभरवाल ने तीखे शब्दों में कहा कि सरकार ने ट्रांसपोर्ट सेक्टर के साथ ‘धोखा’ किया है। उनका कहना है कि शुरुआत में यह भरोसा दिया गया था कि ग्रीन टैक्स सिर्फ उन्हीं गाड़ियों पर लगेगा जो दिल्ली को केवल ‘रास्ते’ के तौर पर इस्तेमाल करती हैं। लेकिन अब, दिल्ली में सामान उतारने और चढ़ाने वाली गाड़ियों को भी इस टैक्स के दायरे में घसीट लिया गया है, जिससे कारोबारियों की कमर टूट गई है।

यूरों-6 गाड़ियां भी निशाने पर, 1491 करोड़ का हिसाब कहाँ?

ट्रांसपोर्टरों का सबसे बड़ा सवाल उस दावे पर है जिसके तहत उन्हें लाखों रुपये महंगी Euro-6 गाड़ियां खरीदने को मजबूर किया गया। हरीश सभरवाल ने सवाल उठाया, “जब हमें यह कहकर 12 लाख रुपये महंगी गाड़ियां बेची गईं कि ये प्रदूषण मुक्त हैं, तो फिर अब उन्हीं गाड़ियों पर ग्रीन टैक्स क्यों?”

आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि अब तक प्रदूषण के नाम पर ट्रांसपोर्टरों से करीब 1491 करोड़ रुपये वसूले जा चुके हैं, लेकिन ड्राइवरों की सुविधाओं या ट्रांसपोर्ट वेलफेयर पर एक ढेला  खर्च नहीं हुआ। आलम यह है कि अब फल, सब्जी और दवाइयों जैसी बुनियादी चीजों को ढोने वाली गाड़ियों से भी 5-5 हजार रुपये तक का टैक्स वसूला जा रहा है।

जरूरी सप्लाई पर पड़ेगा सीधा असर, थम जाएंगे 22-चक्का ट्रक

AIMTC हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष धर्मवीर मलिक ने स्पष्ट किया कि पानीपत से हर रोज करीब 100 गाड़ियां राशन और जरूरी सामान लेकर दिल्ली कूच करती हैं, लेकिन 21 से 23 मई तक एक भी ट्रक बॉर्डर पार नहीं करेगा।

असर: इस हड़ताल में थ्री-व्हीलर से लेकर विशालकाय 22-चक्का ट्रक तक शामिल होंगे। प्रभावित सामान: दूध, फल, दवाइयां, प्लास्टिक, केमिकल और रबर जैसी रोजमर्रा की चीजों की सप्लाई ठप रह सकती है। ट्रांसपोर्टरों ने चेतावनी दी है कि वे पीएम हाउस से लेकर गृह मंत्रालय तक अपनी अर्जी लगा चुके हैं, लेकिन सुनवाई कहीं नहीं हुई। अगर तीन दिन की इस सांकेतिक हड़ताल के बाद भी सरकार नहीं जागी, तो देशव्यापी चक्का जाम की तैयारी की जाएगी, जिसके लिए देश के चारों कोनों में बैठकों का दौर शुरू हो चुका है।

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