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Elvish Yadav Khargosh Janta Party: एल्विश यादव की 'खरगोश जनता पार्टी' ने मचाया गदर, 'कॉकरोच पार्टी' को दी पेस्ट कंट्रोल की धमकी

GGaganpreet Kaur
एल्विश यादव की 'खरगोश जनता पार्टी' ने मचाया गदर, 'कॉकरोच पार्टी' को दी पेस्ट कंट्रोल की धमकी
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गुरुग्राम। विवादों और सुर्खियों से चोली-दामन का साथ रखने वाले एल्विश यादव ने एक बार फिर सोशल मीडिया का पारा गरमा दिया है। अपनी बेबाक हरकतों और ‘सिस्टम’ शब्द को ट्रेंड कराने वाले इस यूट्यूबर ने बुधवार को अपनी टाइमलाइन पर एक ऐसी काल्पनिक राजनीतिक जंग की शुरुआत की, जिसने राजनीतिक गलियारों से लेकर मीम पेजेस तक को चर्चा का नया मसाला दे दिया है। एल्विश ने किसी स्थापित राजनीतिक दल का नाम लिए बिना ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) पर तीखा तंज कसा है और इसके जवाब में अपनी खुद की ‘खरगोश जनता पार्टी’ (KJP) का गठन कर उसका बाकायदा मैनिफेस्टो जारी कर दिया है।

‘सबका विकास गाजर के साथ’: क्या है इस अनोखे मैनिफेस्टो में?

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एल्विश ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर जो डिजिटल पोस्टर साझा किया है, उसमें राजनीति में चल रहे मुफ्त उपहारों (फ्रीबीज) और खोखले वादों की संस्कृति पर गहरा कटाक्ष है। उन्होंने अपनी इस काल्पनिक पार्टी के सिद्धांतों को बयां करते हुए लिखा:

“गाजर हमारा हक है और स्पीड हमारी असली पहचान। खरगोश एकता जिंदाबाद! तेज दिमाग, लंबे कान और सबका विकास गाजर के साथ।”

यह पोस्ट देखते ही देखते इंटरनेट पर आग की तरह फैल गई। लोग इस बात का सिरा ढूंढने में लग गए कि आखिर एल्विश का यह सीधा निशाना किस राजनीतिक विचारधारा या सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर समूह की तरफ है।

‘बहस नहीं, सीधा पेस्ट कंट्रोल होगा’: बयानों में तल्खी

बात सिर्फ एक घोषणापत्र तक ही सीमित नहीं रही। इसके तुरंत बाद एल्विश ने बयानों की तल्खी बढ़ाते हुए एक और आक्रामक पोस्ट दागी। उन्होंने अपने विरोधियों को ‘कीड़े-मकौड़े’ की संज्ञा देते हुए लिखा कि वे अब कॉकरोच जनता पार्टी के सदस्यों के साथ बहस करके अपना वक्त जाया नहीं करते, क्योंकि बहस करने से कहीं ज्यादा बेहतर ‘पेस्ट कंट्रोल’ (कीटनाशक छिड़काव) का फॉर्मूला काम करता है। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी भरे लहजे में लिखा— “अब बहस नहीं, सीधा पेस्ट कंट्रोल होगा।”

जंतर-मंतर पर ‘फ्री गाजर’ का सियासी ड्रामा

इस डिजिटल ड्रामे का अगला अंक तब सामने आया जब एल्विश ने दिल्ली के ऐतिहासिक धरना स्थल ‘जंतर-मंतर’ का जिक्र अपने अगले पोस्टर में कर दिया। इस नए पोस्टर में लिखा था— “सारे भाई जंतर-मंतर पहुंच जाओ, सभी को मुफ्त गाजर मिलेगी।”

जानकारों की मानें तो यहां ‘गाजर’ शब्द का इस्तेमाल महज एक सब्जी के लिए नहीं, बल्कि राजनीति में वोटरों को दिए जाने वाले प्रलोभन या बहकावे के प्रतीक के रूप में किया गया है। जंतर-मंतर जैसे संवेदनशील और ऐतिहासिक स्थल का नाम लेकर मुफ्त की चीजें बांटने की इस बात ने सोशल मीडिया यूजर्स को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या एल्विश किसी बड़े जमीनी आंदोलन या किसी समकालीन राजनीतिक घटनाक्रम की पैरोडी (नकल) बना रहे हैं।

ट्रोलर्स को दो टूक: ‘अभिव्यक्ति की आजादी है, मैं तो बोलूंगा’

लगातार आ रही इन रहस्यमयी और व्यंग्यात्मक पोस्ट्स के बाद जब इंटरनेट पर ट्रोलर्स और आलोचकों ने एल्विश को घेरना शुरू किया और उन पर माहौल बिगाड़ने के आरोप लगाए, तो उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में एक वीडियो संदेश जारी कर दिया। कैमरे के सामने आकर एल्विश ने दो टूक शब्दों में कहा:

“इस देश के संविधान ने हर नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (फ्रीडम ऑफ स्पीच) दी है। मुझे भी अपनी बात रखने की पूरी आजादी है और मैं वही कर रहा हूं। जिसे जो समझना है, समझता रहे, मैं रुकने वाला नहीं हूं।”

इस वीडियो के आते ही ‘एल्विश आर्मी’ कहे जाने वाले उनके लाखों समर्थक उनके पक्ष में ढाल बनकर खड़े हो गए हैं और कमेंट बॉक्स में उनके इस कदम को मास्टरस्ट्रोक बता रहे हैं। भले ही यह पूरी कवायद एक सोशल मीडिया कैंपेन या किसी आगामी प्रोजेक्ट का हिस्सा हो, लेकिन फिलहाल एल्विश यादव ने अपनी इस ‘खरगोश बनाम कॉकरोच’ की लड़ाई से डिजिटल दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचने में पूरी तरह सफलता पा ली है।

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