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Faridabad Cyber Fraud: फरीदाबाद की सबसे बड़ी साइबर ठगी: जमीन के 17 करोड़ रुपये ले उड़े शातिर ठग

AAmandeep Singh
फरीदाबाद की सबसे बड़ी साइबर ठगी: जमीन के 17 करोड़ रुपये ले उड़े शातिर ठग
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फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में साइबर अपराधियों ने दुस्साहस की सारी हदें पार करते हुए एक प्रॉपर्टी कारोबारी को कंगाल कर दिया है। सेक्टर-15 के रहने वाले इस कारोबारी के साथ 17 करोड़ रुपये की डिजिटल ठगी हुई है, जिसे जिले के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा साइबर फ्रॉड माना जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़ित ने हाल ही में नेशनल हाईवे के किनारे अपनी एक एकड़ जमीन बेची थी, जिससे उसे यह मोटी रकम हासिल हुई थी। जालसाजों ने इतनी सफाई से इस वारदात को अंजाम दिया कि कारोबारी को भनक तक नहीं लगी और उसकी जिंदगी भर की कमाई चंद दिनों में साफ हो गई।

शेयर बाजार का ‘मायाजाल’ और फर्जी ऐप का खेल

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इस हाई-प्रोफाइल मामले की शुरुआत एक साधारण से मैसेज से हुई। कारोबारी के मोबाइल पर शेयर बाजार में निवेश कर करोड़ों कमाने का ऑफर आया, जिसके बाद वह ठगों के संपर्क में आ गया। खुद को स्टॉक मार्केट का मसीहा बताने वाले इन शातिरों ने कारोबारी का भरोसा जीतने के लिए एक मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड कराई। यह ऐप हूबहू असली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म जैसा दिखता था, लेकिन इसकी कमान पूरी तरह ठगों के हाथ में थी। शुरुआत में जब कारोबारी ने छोटी रकम लगाई, तो ऐप पर फर्जी मुनाफा दिखाकर उसका लालच बढ़ाया गया। इसी झांसे में आकर पीड़ित ने अपनी जमीन की पूरी रकम किस्तों में ट्रांसफर कर दी।

20 टीमों का गठन, पुलिस कमिश्नर ने संभाली कमान

करोड़ों की चपत लगने के बाद जब कारोबारी ने अपना पैसा निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने हाथ खड़े कर दिए और टैक्स व अन्य शुल्कों के नाम पर और पैसों की मांग करने लगे। ठगी का एहसास होते ही पीड़ित ने साइबर थाना सेंट्रल में गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग में खलबली मच गई है। पुलिस आयुक्त सतेंद्र गुप्ता ने खुद इस केस की कमान संभाली है और आरोपियों की धरपकड़ के लिए 20 अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। पुलिस अब उन बैंक खातों को फ्रीज करने और डिजिटल फुटप्रिंट्स खंगालने में जुटी है, जहां यह भारी-भरकम रकम भेजी गई थी।

निवेश से पहले सावधानी ही बचाव

साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच देना ठगों का सबसे पुराना और कारगर हथियार बन गया है। किसी भी अनजान लिंक या ऐप के जरिए निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। फरीदाबाद की इस घटना ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि साइबर अपराधी अब केवल छोटे-मोटे फ्रॉड तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे बड़े निवेशकों को अपना निशाना बना रहे हैं। पुलिस ने अपील की है कि किसी भी संदिग्ध मैसेज या कॉल के आने पर तुरंत 1930 नंबर पर संपर्क करें ताकि समय रहते ट्रांजेक्शन को रोका जा सके।

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