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Faridabad Heart Center Scam: फरीदाबाद हार्ट सेंटर स्कैंडल: अयोग्य डॉक्टर ने की दिल की सर्जरी? मानवाधिकार आयोग ने मांगी रिपोर्ट

AAmandeep Singh
फरीदाबाद हार्ट सेंटर स्कैंडल: अयोग्य डॉक्टर ने की दिल की सर्जरी? मानवाधिकार आयोग ने मांगी रिपोर्ट
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फरीदाबाद। फरीदाबाद का सिविल अस्पताल, जहाँ गरीब और मध्यम वर्ग के लोग ‘आयुष्मान भारत’ जैसी योजनाओं के भरोसे इलाज कराने पहुंचते हैं, अब एक गंभीर विवाद के केंद्र में है। यहाँ पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) के तहत केरल की एक निजी एजेंसी ‘मेडिट्रिना हार्ट सेंटर’ हृदय रोगों का उपचार कर रही है। लेकिन, आयोग के सामने जो शिकायत पहुंची है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है।

वकील का दावा: कार्डियक सर्जन नहीं था डॉक्टर

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शिकायतकर्ता के वकील दीपांशु बंसल ने आयोग को बताया कि हार्ट सेंटर में जिस व्यक्ति ने मरीजों के दिल का ऑपरेशन किया, वह नियमानुसार ‘कार्डियक सर्जन’ के रूप में अधिकृत ही नहीं था। आरोप है कि निजी एजेंसी ने मुनाफे के चक्कर में या नियमों को ताक पर रखकर एक अयोग्य व्यक्ति को सर्जिकल चाकू थमा दिया। शिकायत में साफ़ कहा गया है कि यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि मरीजों की जान के साथ किया गया एक आपराधिक कृत्य है, जिससे कई लोगों का जीवन खतरे में पड़ गया।

मानवाधिकार आयोग का कड़ा रुख: “यह बर्दाश्त के बाहर”

मामले की प्रारंभिक सुनवाई करते हुए आयोग के सदस्य दीप भाटिया ने कहा कि हृदय जैसी जटिल शल्य चिकित्सा के लिए निर्धारित योग्यता और मानकों की अनदेखी करना ‘अत्यंत गंभीर’ है। आयोग ने स्वास्थ्य विभाग से तीखे सवाल पूछे हैं:

डॉक्टरों की योग्यता की जांच के लिए क्या कोई तंत्र मौजूद है?

सर्जरी की अनुमति देने से पहले डिग्री और अनुभव का सत्यापन क्यों नहीं किया गया?

क्या अस्पताल प्रशासन और निजी एजेंसी ने पीपीपी मॉडल के नियमों का पालन किया?

अगला कदम: जिम्मेदार अधिकारियों पर गिरेगी गाज

आयोग ने स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष अधिकारियों (ACS और महानिदेशक) को निर्देश दिया है कि वे एक तय समय सीमा के भीतर इस मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करें। आयोग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन या चिकित्सीय लापरवाही (Medical Negligence) पाई जाती है, तो न केवल उस डॉक्टर, बल्कि संबंधित निजी एजेंसी और निगरानी में विफल रहे सरकारी अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

इस खुलासे के बाद फरीदाबाद के उन तमाम मरीजों के बीच चिंता की लहर है, जिन्होंने हाल के महीनों में इस सेंटर पर इलाज कराया है। अब सबकी नजरें स्वास्थ्य विभाग की उस रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस ‘अयोग्य’ सर्जरी के पीछे के सच को उजागर करेगी।

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