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Faridabad Cyber Crime: लड़की की आवाज निकालकर ठगने वाला गिरोह गिरफ्तार, जयपुर से फरीदाबाद पुलिस ने दबोचा

AAmandeep Singh
लड़की की आवाज निकालकर ठगने वाला गिरोह गिरफ्तार, जयपुर से फरीदाबाद पुलिस ने दबोचा
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फरीदाबाद। साइबर अपराध की दुनिया में रोज नए पैंतरे सामने आ रहे हैं, लेकिन फरीदाबाद पुलिस ने जिस गिरोह को पकड़ा है, उनके काम करने का तरीका बेहद चौंकाने वाला है। इस गिरोह का मास्टरमाइंड 27 वर्षीय भगवान सिंह है, जो हुनरमंदी से लड़की की आवाज निकाल लेता था। गिरोह के सदस्य पहले सोशल मीडिया ऐप्स जैसे इंस्टाग्राम और टिंडर पर खूबसूरत लड़कियों की फोटो लगाकर फर्जी प्रोफाइल बनाते थे। जब कोई व्यक्ति इनके झांसे में आकर अश्लील चैट शुरू करता, तो भगवान सिंह लड़की बनकर उनसे फोन पर बात करता ताकि पीड़ित को जरा भी शक न हो।

ओल्ड फरीदाबाद के व्यक्ति से ठगे 45 हजार, ऐसे खुली पोल

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इस गिरोह का भंडाफोड़ तब हुआ जब ओल्ड फरीदाबाद के एक निवासी ने साइबर थाने में आपबीती सुनाई। पीड़ित के मुताबिक, 20 जनवरी को उसके पास एक कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और धमकी दी कि पीड़ित के खिलाफ अश्लील चैटिंग और संदिग्ध लेनदेन के मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज होने वाली है। बदनामी के डर से पीड़ित घबरा गया। इसी घबराहट का फायदा उठाकर ठगों ने मामला रफा-दफा करने के बदले रुपयों की मांग की। डरे हुए व्यक्ति ने बताए गए बैंक खाते में ₹45,000 ट्रांसफर कर दिए, लेकिन जब मांग बढ़ती गई तो उसे ठगी का अहसास हुआ।

जयपुर की सोसाइटी में चल रहा था ‘कंट्रोल रूम’

पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि तकनीकी जांच और बैंक ट्रांजेक्शन के आधार पर पुलिस की टीम राजस्थान के जयपुर पहुँची। 8 मई को जगतपुरा स्थित ‘लोटस व्हाइट सोसाइटी’ में छापेमारी कर पांचों आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में गिरोह के कामकाज का बंटवारा भी सामने आया है। देवा गुर्जर, बिजेंद्र और धीरज सोशल मीडिया पर शिकार ढूंढने और चैटिंग का काम संभालते थे, जबकि मनीष फर्जी बैंक खातों का इंतजाम करता था ताकि पुलिस की नजरों से बचा जा सके।

रिमांड पर आरोपी, कई और खुलासे होने की उम्मीद

पकड़े गए सभी आरोपी मूल रूप से राजस्थान के करौली जिले के रहने वाले हैं। अदालत ने आरोपियों को चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और ठगी की रकम कहाँ निवेश की गई है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि अनजान सोशल मीडिया प्रोफाइल से दोस्ती न करें और यदि कोई पुलिस अधिकारी बनकर डराने की कोशिश करे, तो तुरंत नजदीकी साइबर सेल को सूचित करें।

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