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Faridabad News: फरीदाबाद में कुट्टू का आटा बना 'जहर', नवरात्रि के पहले दिन 25 लोग अस्पताल में भर्ती

AAmandeep Singh
फरीदाबाद में कुट्टू का आटा बना 'जहर', नवरात्रि के पहले दिन 25 लोग अस्पताल में भर्ती
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फरीदाबाद | श्रद्धा और उपवास के पर्व नवरात्रि की शुरुआत फरीदाबाद की डबुआ कॉलोनी के कई परिवारों के लिए किसी बुरे सपने जैसी रही। सेक्टर-50 स्थित इस कॉलोनी में गुरुवार रात उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब कुट्टू के आटे से बने पकौड़े खाने के कुछ ही देर बाद दर्जनों लोगों की हालत बिगड़ने लगी। देखते ही देखते करीब 25 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए। किसी को तेज पेट दर्द की शिकायत थी, तो किसी को चक्कर और कंपकंपी के साथ उल्टियां शुरू हो गई थीं।

एक ही दुकान से खरीदा था मौत का सामान

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स्थानीय निवासियों के मुताबिक, कॉलोनी के ही ‘हरीश’ नामक दुकानदार से पुलकित, माया, प्रीति, जॉनी और कपिल समेत कई लोगों ने व्रत का सामान खरीदा था। परिजनों ने बताया कि रात को जैसे ही कुट्टू के आटे का प्रसाद ग्रहण किया, उसके कुछ ही घंटों बाद शरीर ने जवाब देना शुरू कर दिया। आधी रात को जब एक साथ इतने लोग बीमार पड़े, तो मोहल्ले में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आनन-फानन में सभी को पास के तान्या नर्सिंग होम और अन्य निजी क्लीनिकों में ले जाया गया।

लक्षण: सिर दर्द से लेकर बदन दर्द और तेज बुखार

अस्पताल में भर्ती पीड़ितों ने बताया कि कुट्टू खाने के बाद सबसे पहले पेट में मरोड़ उठी और फिर तेज सिर दर्द के साथ पूरा बदन टूटने लगा। डॉक्टरों का कहना है कि यह ‘एक्यूट फूड पॉइजनिंग’ का मामला है। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि या तो आटा काफी पुराना था या उसमें फंगस लगा हुआ था, जिसे पीसकर बेच दिया गया। फिलहाल कुछ मरीजों की हालत स्थिर है, लेकिन बुजुर्गों और बच्चों की स्थिति पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

प्रशासन की सुस्ती पर उठे सवाल: डायल 112 को दी गई सूचना

हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक कोई बड़ी कार्रवाई देखने को नहीं मिली है। हालांकि, पीड़ितों ने मौके पर डायल 112 की टीम को बुलाया था, लेकिन स्थानीय डबुआ थाना प्रभारी संग्राम दहिया का कहना है कि उनके पास अभी तक लिखित शिकायत नहीं पहुंची है। सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है? त्यौहारों के सीजन में मिलावटखोरों पर नकेल कसने के सरकारी दावे इस घटना के बाद पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं।

विशेषज्ञ की सलाह: सावधानी ही बचाव है

नवरात्रि के दौरान कुट्टू और सिंघाड़े के आटे की खपत बढ़ जाती है, जिसका फायदा उठाकर मुनाफाखोर पुराना और खराब माल बाजार में उतार देते हैं। जानकारों का कहना है कि कुट्टू का आटा हमेशा विश्वसनीय ब्रांड का ही लें और उसे खरीदने से पहले उसकी गंध और रंग की जांच जरूर करें। यदि आटे में कड़वाहट या अजीब सी महक हो, तो उसे बिल्कुल इस्तेमाल न करें।

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