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Faridabad News: फरीदाबाद में महा-तोड़फोड़ की तैयारी: 10 कॉलोनियों के 3000 मकानों पर चिपका नोटिस, मची खलबली

AAmandeep Singh
Faridabad News:  फरीदाबाद में महा-तोड़फोड़ की तैयारी: 10 कॉलोनियों के 3000 मकानों पर चिपका नोटिस, मची खलबली
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फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में अवैध निर्माण और अवैध कॉलोनियों के खिलाफ प्रशासन ने अब तक का सबसे बड़ा मोर्चा खोल दिया है। अभी नेहरू कॉलोनी में हुई तोड़फोड़ की गूंज शांत भी नहीं हुई थी कि जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) इंफोर्समेंट विंग की नई मुनादी ने हजारों परिवारों की रातों की नींद और दिन का चैन छीन लिया है। विभाग इस बार एक-दो नहीं, बल्कि तीन हजार से भी ज्यादा मकानों और व्यावसायिक निर्माणों पर बुल्डोजर चलाने की पूरी तैयारी में है। इसके लिए शहर की 10 से अधिक कॉलोनियों में बकायदा नोटिस चस्पा कर लोगों को अल्टीमेटम दे दिया गया है।

इन कॉलोनियों में चस्पा हुए नोटिस, नक्शे और लाइसेंस को लेकर फंसा पेंच

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डीटीपी विभाग की ओर से जिन इलाकों को निशाने पर लिया गया है, उनमें जीवन नगर पार्ट-2, गौंछी, दीपावली एन्क्लेव, पंचशील एन्क्लेव, गोठड़ा मोहब्बताबाद और मांगर जैसे घने बसे क्षेत्र शामिल हैं। इन इलाकों में नोटिस चिपकाए जाने की दो मुख्य वजहें हैं— पहला, प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा बिना किसी वैध लाइसेंस के कृषि भूमि पर कॉलोनियां काट दी गईं और दूसरा, लोगों ने बिना नगर निगम या डीटीपी विभाग से नक्शा पास कराए बहुमंजिला इमारतें और दुकानें खड़ी कर लीं।

डीटीपी यजन चौधरी ने मामले की गंभीरता को स्पष्ट करते हुए बताया कि दुर्गा बिल्डर मूल रूप से एक लाइसेंस प्राप्त कॉलोनी है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के कड़े निर्देशों का पालन करते हुए सरकार अब इसकी भूमि पर अवैध रूप से विकसित हुए दीपावली एन्क्लेव और पंचशील एन्क्लेव जैसे क्षेत्रों पर कार्रवाई कर रही है। इन पॉकेट में बने 3,000 से अधिक मकानों के लिए सार्वजनिक सूचना जारी कर चेतावनी दी गई है कि यहां कभी भी ध्वस्तीकरण (Demolition) की कार्रवाई शुरू हो सकती है, क्योंकि ये सभी बिना स्वीकृत नक्शे के बने हैं।

प्रॉपर्टी डीलरों का खेल: 5 एकड़ में बसा दी अवैध कॉलोनी, रजिस्ट्री के नाम पर धोखा

अवैध निर्माण के इस बड़े खेल में जीवन नगर का उदाहरण देते हुए डीटीपी ने बताया कि वहां करीब 5 एकड़ भूमि पर भू-माफियाओं ने अवैध रूप से कॉलोनी बसा दी। जिस प्रॉपर्टी डीलर ने यह जमीन बेची, उसके पास टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग का कोई चेंज ऑफ लैंड यूज (CLU) या लाइसेंस नहीं था। अधिकारी ने आम जनता को सचेत करते हुए एक बड़ा कानूनी पहलू भी साफ किया। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर रजिस्ट्री को ही सब कुछ मान लेते हैं, जबकि रजिस्ट्री से सिर्फ जमीन का मालिकाना हक मिलता है, उस पर बिना परमिशन के ईंट रखने या मकान-दुकान बनाने का अधिकार नहीं मिल जाता।

आशियाने छिनने के डर से बेहाल हुए लोग, 10 साल से रह रहे परिवारों में दहशत

विभाग के इस कड़े रुख के बाद प्रभावित कॉलोनियों में कोहराम मचा हुआ है। पाई-पाई जोड़कर जीवनभर की कमाई से अपने घर का सपना पूरा करने वाले लोग अब बेबसी के आंसू रो रहे हैं। स्थानीय निवासी लाला राम और लक्की नाम की महिला ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि जब से घरों के बाहर ये सफेद कागज (नोटिस) चिपके हैं, उनके घरों में चूल्हा तक नहीं जला है। लोगों का कहना है कि वे पिछले 10-12 सालों से यहां बिजली-पानी का बिल भर रहे हैं और रह रहे हैं, लेकिन आज अचानक उन्हें बताया जा रहा है कि उनका पूरा आशियाना ही गैर-कानूनी है। फिलहाल, लोगों के पास अपने दस्तावेज दिखाने के लिए सिर्फ सात दिनों का समय है, जिसके बाद डीटीपी का दस्ता पुलिस बल के साथ मैदान में उतरेगा।

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