Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

HCS Exam Fraud Faridabad: फरीदाबाद HCS परीक्षा में मुन्नाभाई गिरफ्तार: UPSC अभ्यर्थी दोस्त को अफसर बनाने पहुंचा था सेंटर

AAmandeep Singh
फरीदाबाद HCS परीक्षा में मुन्नाभाई गिरफ्तार: UPSC अभ्यर्थी दोस्त को अफसर बनाने पहुंचा था सेंटर
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

फरीदाबाद। हरियाणा सिविल सर्विसेज (HCS) की परीक्षा में जालसाजी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां दोस्ती का जुनून अपराध की सीमा लांघ गया। फरीदाबाद के एक परीक्षा केंद्र पर रोहतक का रहने वाला मानव (25) अपने दोस्त विशाल को एचसीएस अधिकारी बनाने के लिए उसकी जगह परीक्षा देने पहुंच गया। दिलचस्प बात यह है कि मानव खुद एक गंभीर प्रतियोगी छात्र है और यूपीएससी (UPSC) की मुख्य परीक्षा दे चुका है। लेकिन दोस्त को पद दिलाने की होड़ में उसने अपने करियर को दांव पर लगा दिया। हालांकि, परीक्षा केंद्रों पर तैनात हाईटेक बायोमेट्रिक सिस्टम के आगे उसकी चालाकी धरी की धरी रह गई।

बायोमेट्रिक ने खोली पोल: कई बार कोशिश के बाद भी नहीं मिले फिंगरप्रिंट

विज्ञापन

प्रदेश के 8 जिलों में कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित की गई इस परीक्षा में जैमर और सीसीटीवी के अलावा बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन सबसे बड़ी बाधा साबित हुई। पुलिस जांच के मुताबिक, मानव ने विशाल के नाम पर तैयार फर्जी एडमिट कार्ड से सेंटर में एंट्री तो पा ली, लेकिन जब आधार कार्ड के जरिए उसके बायोमेट्रिक निशान लिए गए, तो सिस्टम ने लाल झंडी दिखा दी। टीम ने कई बार फिंगरप्रिंट मैच करने की कोशिश की, लेकिन वे मेल नहीं खाए। शक होने पर सेंटर सुपरिंटेंडेंट डॉ. कमरुदी ने इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी और वेरिफिकेशन होने तक मानव को परीक्षा में बैठने दिया गया ताकि वह भाग न सके।

भाई की जिद ने फंसाया: सेंटर से भागना चाहता था आरोपी

पूछताछ में एक हैरान करने वाला तथ्य सामने आया है। बताया जा रहा है कि विशाल का बड़ा भाई भी उसी सेंटर पर परीक्षा देने आया था। मानव को जब पकड़े जाने का डर सताया, तो वह परीक्षा शुरू होने से पहले ही बाहर निकलना चाहता था। लेकिन विशाल के भाई ने उसे यह कहकर वापस जाने से रोक दिया कि कुछ नहीं होगा, तुम अंदर जाओ। पुलिस ने बताया कि मानव के पिता किसान हैं, जबकि विशाल के पिता हरियाणा रोडवेज से रिटायर्ड कर्मचारी हैं। दोनों दोस्त दिल्ली और रोहतक में साथ पढ़े और लाइब्रेरी में तैयारी की, लेकिन शॉर्टकट के चक्कर में अब दोनों का भविष्य अंधकार में है।

पुलिस की कार्रवाई: कोर्ट में पेशी और आगे की जांच

जैसे ही पुलिस की जांच में यह साफ हुआ कि परीक्षार्थी फर्जी है, उसे परीक्षा कक्ष से उठाकर सीधे थाने ले जाया गया। सेक्टर-8 थाना प्रभारी रणधीर ने बताया कि मानव और विशाल दोनों के खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराओं और परीक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। सोमवार को दोनों को अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस फर्जीवाड़े में कोई और बड़ा गिरोह शामिल है या यह सिर्फ दो दोस्तों की आपसी ‘मदद’ का मामला था।

विज्ञापन

फरीदाबाद की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।