Faridabad Old Age Pension: फरीदाबाद में 80 साल के सुरजन सिंह कागजों में घोषित हुए ‘मृत’, जिंदा साबित करने को भटक रहे बुजुर्ग
फरीदाबाद में 80 साल के सुरजन सिंह कागजों में घोषित हुए 'मृत', जिंदा साबित करने को भटक रहे बुजुर्ग
Faridabad Old Age Pension: हरियाणा की सरकारी व्यवस्था और उसके डिजिटल दावों की पोल खोलता एक हैरान कर देने वाला मामला फरीदाबाद से सामने आया है। यहां एनआईटी-5 क्षेत्र में रहने वाले 80 वर्षीय सुरजन सिंह (Surjan Singh Faridabad) पिछले तीन महीनों से खुद के जीवित होने की गुहार लगाते हुए सरकारी दफ्तरों की सीढ़ियां चढ़ रहे हैं। वजह यह है कि समाज कल्याण विभाग के कागजों में उन्हें मार्च 2025 में ही ‘मृत’ घोषित कर दिया गया है। (Haryana Old Age Pension) अपनी बीमार पत्नी के साथ घर पर रह रहे लाचार बुजुर्ग को समझ नहीं आ रहा कि किस अफसर की कलम ने उन्हें जिंदा रहते कागजों में मार डाला।
बैंक में जमा रकम खत्म हुई तो खुला सरकारी लापरवाही का राज
सुरजन सिंह के मुताबिक, उनके एसबीआई बैंक खाते में पहले से कुछ बचत के करीब 50 हजार रुपये जमा थे। इसी खाते में उनकी 3,000 रुपये महीने की वृद्धावस्था पेंशन भी आती थी। बीते तीन महीने पहले जब खाते में जमा पुरानी रकम पूरी तरह खत्म हो गई, तो वह बैंक पहुंचे। वहां जाकर जब उन्होंने पासबुक में एंट्री कराई तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। बैंक अधिकारियों ने बताया कि पिछले डेढ़ साल से उनके खाते में पेंशन की एक भी किस्त नहीं आई है।
पेंशन ID में दिखा दिया मृत, जबकि PPP में दर्ज हैं जीवित
हैरान-परेशान सुरजन सिंह जब सेक्टर-15 स्थित समाज कल्याण विभाग के पेंशन कार्यालय पहुंचे, तो वहां के कर्मचारियों ने कंप्यूटर स्क्रीन देखकर बताया कि रिकॉर्ड में 26 मार्च 2025 को उनकी मृत्यु हो चुकी है और इसी आधार पर पेंशन ब्लॉक कर दी गई है। इस लापरवाही का सबसे अजीब पहलू यह है कि जहां एक तरफ पेंशन ID में उन्हें मृत दिखाया जा रहा है, वहीं हरियाणा सरकार के परिवार पहचान पत्र (Parivar Pehchan Patra Haryana) में वह आज भी पूरी तरह से जीवित दर्ज हैं। बुजुर्ग का सवाल है कि जब डेथ सर्टिफिकेट जमा ही नहीं हुआ, तो मौत की एंट्री किस आधार पर की गई?
समाधान शिविर भी नाकाम, पत्नी की आय भी फर्जी तरीके से बढ़ाई
उम्र के इस पड़ाव पर लाठी के सहारे चलने वाले सुरजन सिंह को 17 सितंबर को सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय (Haryana Samadhan Shivir) के समाधान शिविर में भी भेजा गया। शिकायत तो दर्ज हुई लेकिन कोई ठोस हल नहीं निकला। परेशानी यहीं खत्म नहीं हुई; उनकी 80 वर्षीया बीमार पत्नी प्रीतम कौर और सुरजन सिंह की आय को भी बिना किसी सत्यापन के कागजों में बढ़ा दिया गया है। PPP में पहले पत्नी की आय 1.80 लाख दर्ज थी, जिसे अचानक बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दिया गया और सुरजन सिंह को ‘पेंशनर’ दिखाकर उनकी आय भी 3 लाख दर्ज कर दी गई।
प्रशासन का दावा- फाइल भेजी चंडीगढ़, जल्द सुधरेगा रिकॉर्ड
इस पूरे मामले पर जब फरीदाबाद के उपमंडल अधिकारी (Faridabad Administration News) डॉ. हन्नी बंसल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि बुजुर्ग सुरजन सिंह की शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। संबंधित विभाग ने आवश्यक पत्राचार कर फाइल को मुख्य कार्यालय चंडीगढ़ भेज दिया है और उम्मीद है कि जल्द ही रिकॉर्ड दुरुस्त कर पेंशन चालू कर दी जाएगी। हालांकि, इस मामले में जब जिला समाज कल्याण अधिकारी (DSWO) ममता शर्मा से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
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