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Faridabad Labour Protest: फरीदाबाद में मजदूरों का हल्ला बोल: सैलरी न बढ़ने पर काम बंद, कंपनी गेट पर जड़ा ताला

GGaganpreet Kaur
फरीदाबाद में मजदूरों का हल्ला बोल: सैलरी न बढ़ने पर काम बंद, कंपनी गेट पर जड़ा ताला
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फरीदाबाद । औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में एक बार फिर मजदूरों और प्रबंधन के बीच खींचतान शुरू हो गई है। मंगलवार सुबह सेक्टर 58 और 31 स्थित निजी कंपनियों के गेट पर उस वक्त गहमागहमी बढ़ गई जब करीब 150 महिला और पुरुष कर्मचारियों ने काम बंद कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सुबह 8 बजे से ही मजदूरों ने कंपनी के भीतर जाने से इनकार कर दिया और नारेबाजी की। इन कर्मचारियों का सीधा आरोप है कि कंपनी प्रबंधन और ठेकेदार मिलकर सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन (Minimum Wage) के नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, जिससे इस कमरतोड़ महंगाई में घर चलाना दूभर हो गया है।

सैलरी स्लिप का गणित: हाथ में आते हैं महज 13,500 रुपये

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प्रदर्शन में शामिल महिला कर्मचारी सविरा और रेखा ने अपने संघर्ष की कहानी साझा करते हुए बताया कि ओवर टाइम (OT) मिलाकर उनकी कुल तनख्वाह करीब 15 हजार रुपये बनती है। लेकिन जब पीएफ (PF) और ईएसआई (ESI) की कटौती होती है, तो हाथ में महज 13,500 रुपये ही आते हैं। महिलाओं का कहना है कि शहर में मकान किराया और बच्चों की पढ़ाई के बाद खाने तक के लाले पड़ रहे हैं। इस महीने की सैलरी स्लिप में भी कोई इजाफा न देखकर कर्मचारियों का धैर्य जवाब दे गया। मजदूरों का कहना है कि ठेकेदार उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है और प्रबंधन चुप्पी साधे बैठा है।

4 साल की सेवा, लेकिन वेतन के नाम पर छलावा

कंपनी में बतौर ऑपरेटर तैनात राकेश ने बताया कि वह पिछले 4 साल से संस्थान को अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उनकी प्रगति ठप पड़ी है। राकेश के अनुसार, हरियाणा सरकार की नई गाइडलाइंस के तहत अर्ध-कुशल (Semi-skilled) कर्मचारियों का वेतन करीब 19,400 रुपये तय है। इसके उलट कंपनी कटौती के बाद उन्हें सिर्फ 16,780 रुपये थमा रही है। मजदूरों ने स्पष्ट कर दिया है कि अब जुबानी दावों से काम नहीं चलेगा। जब तक कंपनी प्रबंधन लिखित रूप में यह स्पष्ट नहीं करता कि बढ़ा हुआ वेतन कब से और कितना लागू होगा, तब तक मशीनों के पहिए थमे रहेंगे।

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