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Faridabad School Accident: फरीदाबाद में बड़ा हादसा, तेज आंधी से स्कूल पर गिरी निर्माणाधीन मकान की दीवार, मलबे में दबे 10 बच्चे

AAmandeep Singh
Faridabad School Accident: फरीदाबाद में बड़ा हादसा, तेज आंधी से स्कूल पर गिरी निर्माणाधीन मकान की दीवार, मलबे में दबे 10 बच्चे
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फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद से शनिवार दोपहर एक बेहद खौफनाक खबर सामने आई है। यहां के खेड़ी पुल थाना इलाके में आने वाली भारत कॉलोनी के 35 फुट रोड पर स्थित हंस मेमोरियल पब्लिक स्कूल में उस वक्त अफरा-तफरी और मातम छा गया, जब अचानक एक जोरदार धमाके के साथ स्कूल की छत ढह गई। दरअसल, स्कूल परिसर से बिल्कुल सटकर एक बहुमंजिला रिहायशी मकान का निर्माण कार्य चल रहा था। शनिवार को इलाके में अचानक मौसम का मिजाज बदला और तेज आंधी चलने लगी। इसी अंधड़ के दबाव को पड़ोसी मकान की नई-नवेली दीवार झेल नहीं पाई और उसका एक बड़ा हिस्सा सीधे स्कूल की छत पर जाकर गिरा।

लोहे और कंक्रीट का भारी-भरकम मलबा गिरते ही स्कूल की कमजोर छत ताश के पत्तों की तरह ढह गई और सीधे नीचे क्लासरूम में जा गिरी, जहां मासूम बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। पलक झपकते ही पूरा कमरा धूल के गुबार और मलबे के ढेर में तब्दील हो गया।

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स्कूल स्टाफ ने जान पर खेलकर निकाला बाहर; मची चीख-पुकार

छत गिरते ही स्कूल परिसर में चीख-पुकार मच गई। मलबे के नीचे करीब 10 मासूम बच्चे पूरी तरह दब चुके थे। हादसे को देख स्कूल के शिक्षकों और प्रशासनिक स्टाफ ने बिना एक पल गंवाए खुद ही राहत और बचाव का मोर्चा संभाला। अध्यापकों ने अपनी जान जोखिम में डालकर मलबे को हाथों से हटाना शुरू किया और एक-एक कर सभी 10 बच्चों को बाहर निकाला।

हादसे की सूचना जैसे ही फैली, बच्चों के डरे-सहमे परिजन बदहवास हालत में स्कूल की तरफ दौड़ पड़े। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायल बच्चों को तुरंत फरीदाबाद के सिविल अस्पताल (बीके हॉस्पिटल) ले जाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, प्राथमिक उपचार के बाद कुछ बच्चों को छुट्टी दे दी गई है, लेकिन चार बच्चों के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं, जिसके कारण उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।

पुलिस जांच में जुटी; अवैध निर्माण और लापरवाही पर उठ रहे सवाल

घटना की भयावहता को देखते हुए खेड़ी पुल थाना पुलिस की टीम भारी दलबल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय निवासियों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि स्कूल से बिल्कुल सटाकर इतनी ऊंची इमारत का निर्माण बिना किसी पुख्ता सुरक्षा इंतजामों के कैसे किया जा रहा था।

अक्सर देखा जाता है कि घनी आबादी वाले इलाकों में बिल्डर या मकान मालिक लागत बचाने के चक्कर में कमजोर दीवारें खड़ी कर देते हैं, जो मामूली आंधी में भी ढह जाती हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि निर्माणाधीन मकान के मालिक और ठेकेदार की भूमिका की जांच की जा रही है और सुरक्षा नियमों की अनदेखी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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