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Faridabad Tubewell Chlorination System: इंदौर घटना के बाद फरीदाबाद में पानी पर सख्ती, 28 ट्यूबवेलों पर लगेंगे ऑटोमेटिक क्लोरिनेशन सिस्टम

AAmandeep Singh
इंदौर घटना के बाद फरीदाबाद में पानी पर सख्ती, 28 ट्यूबवेलों पर लगेंगे ऑटोमेटिक क्लोरिनेशन सिस्टम
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फरीदाबाद। दिल्ली से सटे फरीदाबाद शहर में पेयजल व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। इंदौर की घटना से सबक लेते हुए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) ने शहर के सेक्टरों में पानी की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए 28 ट्यूबवेलों पर गैस आधारित ऑटोमेटिक क्लोरिनेशन सिस्टम लगाने की योजना तैयार की है। फरीदाबाद में इसी महीने से इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने की तैयारी की जा रही है ताकि सेक्टरों में रहने वाले लाखों लोगों को सुरक्षित पेयजल मिल सके।

फरीदाबाद के कई सेक्टरों में जलापूर्ति सीधे ट्यूबवेलों से होती है। अभी तक पानी में क्लोरीन मैनुअल तरीके से मिलाई जाती है, जिससे कई बार मात्रा कम या ज्यादा हो जाती है और पानी की गुणवत्ता प्रभावित होती है। नए सिस्टम के लगने के बाद यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑटोमेटिक हो जाएगी।

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HSVP के लगभग 50 सेक्टरों में ट्यूबवेल से होती है जलापूर्ति

HSVP ने फरीदाबाद में करीब 50 सेक्टर विकसित किए हैं। इन इलाकों में लगभग 30 ट्यूबवेलों के जरिए पानी की सप्लाई की जाती है और हजारों परिवार इसी पर निर्भर हैं। अब तक क्लोरीन का मिश्रण हाथों से किया जाता रहा है। इस व्यवस्था में मानवीय गलती की संभावना रहती है और कई बार पानी में क्लोरीन की मात्रा तय मानकों से अलग हो जाती है। इससे पानी का स्वाद भी बदलता है और शुद्धता को लेकर सवाल उठते हैं।

ऑटोमेटिक सिस्टम से तय मात्रा में मिलेगी क्लोरीन

नए गैस आधारित ऑटोमेटिक क्लोरिनेशन सिस्टम के लगने के बाद पानी में क्लोरीन की मात्रा मशीन के जरिए नियंत्रित होगी। इससे हर समय तय मानकों के अनुसार ही क्लोरीन मिलेगी और पानी की गुणवत्ता स्थिर रहेगी।

यह तकनीक पानी को बैक्टीरिया से सुरक्षित रखने में भी मदद करेगी। इससे सेक्टरों में रहने वाले लोगों को साफ और सुरक्षित पेयजल मिल सकेगा।

इन सेक्टरों को दी गई प्राथमिकता

HSVP ने इस प्रोजेक्ट में फरीदाबाद के सेक्टर-56, सेक्टर-56A और सेक्टर-62 को प्राथमिकता दी है। इन इलाकों में सात प्रमुख ट्यूबवेल इस योजना में शामिल किए गए हैं। इन सेक्टरों में आबादी तेजी से बढ़ी है और पानी की मांग भी ज्यादा है। ऐसे में यहां पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करना जरूरी माना गया है।

टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही शुरू होगा काम

HSVP के अधीक्षण अभियंता संदीप दहिया ने बताया कि ऑटोमेटिक क्लोरिनेशन सिस्टम से पानी सुरक्षित रहेगा और समय की भी बचत होगी। उन्होंने कहा कि लक्ष्य हर घर तक मानकों के अनुसार शुद्ध पानी पहुंचाना है।

संदीप दहिया के मुताबिक टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। 28 ट्यूबवेलों पर यह तकनीक लगने के बाद शहर के बड़े हिस्से में सुरक्षित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।

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