Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Faridabad Waterlogging News: फरीदाबाद को जलभराव से बचाने की तैयारी: 23 करोड़ की योजना को हरी झंडी

AAmandeep Singh
फरीदाबाद को जलभराव से बचाने की तैयारी: 23 करोड़ की योजना को हरी झंडी
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

फरीदाबाद। हरियाणा की औद्योगिक राजधानी फरीदाबाद में हर साल मानसून के दौरान सड़कें तालाब बन जाती हैं, जिससे स्थानीय निवासियों और उद्यमियों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। इस बार प्रशासन ने वक्त से पहले जागते हुए 23 करोड़ रुपये का एक व्यापक प्लान तैयार किया है। नगर निगम के इस विशेष अभियान के तहत एक महीने के भीतर शहर की तमाम सीवर लाइनों और प्रमुख नालों की सफाई की जाएगी। अधिकारियों का दावा है कि इस बार मानसून आने से पहले ड्रेनेज सिस्टम को पूरी तरह दुरुस्त कर लिया जाएगा ताकि बारिश का पानी गलियों में रुकने के बजाय सीधे नालों के जरिए शहर से बाहर निकल सके।

गौछी ड्रेन पर विशेष नजर, बिछाई जाएंगी नई ड्रेनेज लाइनें

विज्ञापन

नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार शहर में लगभग 65 छोटे-बड़े नाले हैं, लेकिन इनमें सबसे बड़ी चुनौती ‘गौछी ड्रेन’ की सफाई को लेकर है। गौछी ड्रेन फरीदाबाद की जल निकासी की मुख्य लाइफलाइन है, जिसमें गाद (सिल्ट) जमा होने के कारण शहर का पानी ओवरफ्लो होने लगता है। इसके लिए निगम ने अधिक संसाधनों और मशीनों का इंतजाम किया है। इसके साथ ही, लगभग 1 करोड़ रुपये के अलग बजट से उन 15 ‘हॉटस्पॉट्स’ पर नई ड्रेनेज लाइनें बिछाई जाएंगी, जहां हल्की बारिश में भी घुटनों तक पानी भर जाता है।

वीडियोग्राफी से होगी निगरानी, लापरवाही पर गिरेगी गाज

अतीत में नाला सफाई के नाम पर होने वाले भ्रष्टाचार और कागजी खानापूर्ति को रोकने के लिए इस बार प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। पूरी सफाई प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि काम धरातल पर हुआ है। नगर निगम आयुक्त ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे रोजाना फील्ड में जाकर प्रगति रिपोर्ट तैयार करें। मानसून से पहले इस परियोजना को सिरे चढ़ाने की जिम्मेदारी सीधे तौर पर संबंधित क्षेत्रों के एसडीओ और एक्सईएन की होगी।

आम आदमी पर क्या होगा असर?

अगर यह योजना समय पर पूरी होती है, तो बल्लभगढ़, एनआईटी और ओल्ड फरीदाबाद जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। जलभराव के कारण हर साल बिजली कटने, सड़कों के टूटने और जलजनित बीमारियों का खतरा बना रहता है। नई ड्रेनेज लाइनें और साफ नाले न केवल ट्रैफिक को सुगम बनाएंगे बल्कि औद्योगिक क्षेत्रों में उत्पादन पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को भी कम करेंगे।

विज्ञापन

हरियाणा की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।