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Faridabad News: फरीदाबाद में मां ने छोले-भटूरे खाने पर डांटा, 19 साल के लड़के ने आगरा नहर में कूदकर दे दी जान

GGaganpreet Kaur
फरीदाबाद में मां ने छोले-भटूरे खाने पर डांटा, 19 साल के लड़के ने आगरा नहर में कूदकर दे दी जान
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फरीदाबाद। फरीदाबाद की सरस्वती कॉलोनी में एक मामूली सी पारिवारिक कहासुनी ने वो जख्म दे दिया है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो पाएगी। बुधवार सुबह पल्ला थाना क्षेत्र के रहने वाले 19 वर्षीय कुलदीप की उसकी मां से सिर्फ इस बात पर बहस हुई कि इस भीषण गर्मी में छोले-भटूरे खाना सेहत के लिए ठीक नहीं है। मां की यही नसीहत और हल्की सी डांट उस अल्हड़ उम्र के लड़के को इतनी नागवार गुजरी कि वह पैर पटकता हुआ घर से निकला और सीधे सेक्टर-37 के सामने आगरा नहर के नए पुल पर पहुंच गया। वहां राहगीर कुछ समझ पाते, इससे पहले ही उसने नहर के गहरे पानी में छलांग लगा दी।

20 घंटे की मशक्कत के बाद कठपुलिया के नीचे अटका मिला शव

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गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे, यानी घटना के पूरे 20 घंटे बाद, आखिरकार कुलदीप का शव सेक्टर-37 और खेड़ी पुल के बीच बनी कठपुलिया के नीचे फंसा हुआ मिला। एसडीआरएफ (SDRF) की टीम सुबह से ही नहर के इस हिस्से में बोट के जरिए तलाश में जुटी थी। शव को पानी से बाहर निकालते ही वहां मौजूद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। पुलिस ने तुरंत पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवाया। परिजनों के मुताबिक, कुलदीप पिछले कुछ दिनों से नया मोबाइल फोन न मिलने के कारण भी अंदर ही अंदर चिड़चिड़ा हो रहा था, और बुधवार को खाने की बात पर उसका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।

पुलिस की सुस्ती पर भड़का परिवार, सड़क पर लगाया लंबा जाम

इस पूरी त्रासदी के बीच बुधवार दोपहर को पल्ला इलाके में भारी तनाव की स्थिति बन गई थी। कुलदीप के डूबने के तुरंत बाद परिजनों ने स्थानीय पुलिस को इत्तला दी थी। परिवार का सीधा आरोप है कि सूचना देने के बावजूद करीब चार घंटे तक न तो कोई सरकारी गोताखोर मौके पर पहुंचा और न ही एसडीआरएफ की टीम ने सुध ली। पुलिस की इसी कथित लापरवाही से गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने आगरा नहर के नए पुल पर धरना देकर चक्का जाम कर दिया। इस दौरान सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को रूट डायवर्ट करना पड़ा।

अपनों के बीच ही चलती रही तनातनी, छा गया मातम

जाम के दौरान प्रदर्शन कर रहे परिजनों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी झड़प और कहासुनी भी देखने को मिली। रोते-बिलखते परिवार का कहना था कि पुलिस प्रशासन उनकी मदद करने और बेटे को ढूंढने के बजाय उल्टे उन्हें ही डराने-धमकाने और वहां से हटाने में जुटा रहा। हालांकि, पल्ला थाना प्रभारी सत्य प्रकाश ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम एक्टिव हो गई थी और पानी का बहाव तेज होने के कारण रेस्क्यू में वक्त लगा। बहरहाल, गुरुवार को कुलदीप का शव मिलने के बाद पूरी सरस्वती कॉलोनी में सन्नाटा पसरा है और मां का रो-रोकर बुरा हाल है, जिसे इस बात का ताउम्र मलाल रहेगा कि उसने अपने बेटे को खाने के लिए क्यों टोका था।

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