Fatehabad News: हरियाणा के फतेहाबाद जिले के टोहाना से एक बेहद शर्मनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। शहर के गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी गर्ल्स स्कूल में बच्चों के भविष्य गढ़ने वाले मंदिरनुमा प्रांगण में दो शिक्षक आपस में भिड़ गए। हालात इतने बिगड़ गए कि देखते-देखते स्कूल परिसर रणक्षेत्र बन गया।
इस हंगामे और तनाव के माहौल के बीच करीब 10 मासूम छात्राओं और एक महिला टीचर की अचानक तबीयत बिगड़ गई। आनन-फानन में सभी को टोहाना के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद से शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।
प्रार्थना सभा के दौरान शुरू हुआ विवाद
पूरा घटनाक्रम गुरुवार सुबह प्रार्थना सभा (प्रेयर) के वक्त से शुरू हुआ। हिस्ट्री टीचर विक्रम सिंह का आरोप है कि केमिस्ट्री टीचर अनूप कुमार प्रेयर के दौरान धर्म और जाति को लेकर छात्राओं के सामने कुछ ऐसी बातें कर रहे थे, जो माहौल को गरमाने वाली थीं। जब विक्रम सिंह ने इसका विरोध किया, तो अनूप कुमार और उनके एक अन्य साथी प्रदीप ने उन पर हमला कर दिया।
इस बीच जब स्कूल की ही लेडी टीचर मान्यता ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो आरोप है कि अनूप कुमार ने उनके साथ भी अभद्रता की और उनके चरित्र पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के दौरान स्कूल की बच्चियां सहम गईं और डर के मारे कई छात्राओं को घबराहट व पैनिक अटैक आ गया।
छात्राओं ने खोले राज: ‘हमें चून की बोरी कहते हैं टीचर’
अस्पताल पहुंचे एडीसी (एडिशनल डिप्टी कमिश्नर) अनुराग ढालिया के सामने जब पीड़ित छात्राएं फफककर रो पड़ीं, तो उन्होंने शिक्षकों के काले कारनामों की पोल खोल दी। छात्राओं ने बताया कि यह कोई पहली बार नहीं हुआ है, बल्कि पिछले तीन महीने से उनका मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है।
छात्राओं का आरोप है कि केमिस्ट्री टीचर अनूप कुमार उन्हें अक्सर ‘जानवर’ और ‘चून की बोरी’ कहकर संबोधित करते थे। उनसे जबरन बाल कटवाने के लिए कहा जाता था और गंदे शब्दों का इस्तेमाल किया जाता था। एक छात्रा ने तो यहां तक बताया कि टीचर ने उसकी मां के खिलाफ भी बेहद आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया था। छात्राओं का कहना है कि उन्होंने पहले भी प्रशासन से शिकायत की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण शिक्षकों के हौसले बुलंद थे।
आरोपी टीचर बोले- ‘यह मेरे खिलाफ साजिश है’
उधर, अस्पताल के बेड पर सनग्लासेज लगाकर और नीले रंग का ‘जय भीम’ लिखा पटका पहनकर पहुंचे केमिस्ट्री टीचर अनूप कुमार ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उनका दावा है कि यह उनके खिलाफ एक सोची-समझी साजिश है। अनूप कुमार का कहना है कि उन्होंने सिर्फ यह आवाज उठाई थी कि स्कूल के शिक्षक सुबह 8 बजे ही छात्राओं को गेट पर खड़ा करवा देते हैं, जबकि टीचर खुद साढ़े आठ से नौ बजे के बीच आते हैं। इसी बात से नाराज होकर स्कूल प्रशासन उनसे रंजिश रख रहा है।
अगस्त में भी गर्माया था मामला, अनशन पर बैठे थे टीचर
गौरतलब है कि इसी स्कूल में अनूप कुमार का विवादों से पुराना नाता रहा है। बीते अगस्त महीने में भी एसडीएम के दौरे के दौरान छात्राओं ने उन पर जातिगत टिप्पणियां करने और देवी-देवताओं पर अमर्यादित टिप्पणी करने के आरोप लगाए थे। उस समय तूल पकड़ने पर उन्हें 15 दिन की छुट्टी पर भेजकर डेप्युटेशन पर अन्यत्र किया गया था, जिसके विरोध में वे टोहाना के अंबेडकर चौक पर आमरण अनशन पर भी बैठ गए थे।
महिला आयोग की टीम ने भी तब स्कूल का दौरा कर उनकी मानसिक स्थिति की जांच की बात कही थी। बहरहाल, इस ताजा घटना के बाद एडीसी अनुराग ढालिया ने कहा है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई तय की जाएगी।

