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बंगाल में पहली बार BJP सरकार: 9 मई को होगा नई सरकार का शपथग्रहण, तमिलनाडु के सीएम स्टालिन ने दिया इस्तीफा

VVinita Kohli
बंगाल में पहली बार BJP सरकार: 9 मई को होगा नई सरकार का शपथग्रहण, तमिलनाडु के सीएम स्टालिन ने दिया इस्तीफा
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नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे सोमवार को सामने आए, जिनमें पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी सरकार बनाने जा रही है और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य के अनुसार नई सरकार का शपथग्रहण 9 मई को आयोजित किया जाएगा। खास बात यह है कि इसी दिन महान साहित्यकार रवींद्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती भी मनाई जाएगी, जिससे इस तारीख का सांस्कृतिक महत्व और बढ़ गया है।

बंगाल में 9 मई को होने वाला शपथग्रहण समारोह कई मायनों में विशेष होगा। बांग्ला कैलेंडर के अनुसार टैगोर की जयंती 25 वैशाख को पड़ती है, जो आमतौर पर मई के दूसरे सप्ताह में आती है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि राज्य का मुख्यमंत्री कौन बनेगा और शपथग्रहण समारोह में कौन-कौन प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी।

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तमिलनाडु में स्टालिन का इस्तीफा

वहीं दूसरी ओर तमिलनाडु में राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदला है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने चुनाव परिणाम आने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के अनुसार उनका इस्तीफा राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के कार्यालय को भेजा गया है। स्टालिन ने कहा कि उनकी पार्टी डीएमके अब एक मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएगी, क्योंकि उन्हें विधानसभा चुनाव में 59 सीटें मिली हैं।

पांच राज्यों के चुनावी नतीजों के बाद देश की लगभग 78 प्रतिशत आबादी और 72 प्रतिशत भूभाग पर भाजपा और उसके सहयोगियों का शासन हो गया है। गंगासागर से लेकर कन्याकुमारी तक फैले इस जनादेश ने विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं को बड़ा झटका दिया है, जिनमें ममता बनर्जी और एमके स्टालिन प्रमुख रहे हैं।

विपक्ष की बदलती रणनीति

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन नतीजों के बाद विपक्ष की लड़ाई अब सत्ता हासिल करने से ज्यादा अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने की हो गई है। केरल में कांग्रेस की जीत ने उसे कुछ राहत दी है, लेकिन इससे विपक्ष के भीतर नई रणनीतिक चुनौतियां भी सामने आएंगी। 

केरल में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एके एंटनी ने कहा कि वे सीपीआई(एम) की हार पर टिप्पणी नहीं करना चाहते, लेकिन पार्टी को अपनी नीतियों और फैसलों पर पुनर्विचार करना होगा। उन्होंने कहा कि जनता ही असली ताकत है और सत्तारूढ़ दल को उनकी अपेक्षाओं के अनुसार काम करना चाहिए।

बंगाल में TMC का प्रदर्शन

पश्चिम बंगाल के 23 जिलों में से 9 जिलों में तृणमूल कांग्रेस अपना खाता तक नहीं खोल पाई। इन क्षेत्रों की सभी 68 सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की है, जो राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव दर्शाता है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी हार के बाद चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग और भाजपा के बीच मिलीभगत से 100 से अधिक सीटों पर गड़बड़ी हुई है। ममता बनर्जी आज शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मुद्दे पर अपनी बात रखेंगी।

समिक भट्टाचार्य का बयान

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि उनकी पार्टी का उद्देश्य केवल सरकार बदलना नहीं, बल्कि पूरे राजनीतिक माहौल को बदलना है। उन्होंने कहा कि पार्टी सामाजिक संतुलन और बहुलता को फिर से स्थापित करना चाहती है और अपने घोषणापत्र के हर वादे को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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