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‘हेराल्ड मामले में फैसला आने के बाद’ अब इस्तीफा दें प्रधानमंत्री और गृह मंत्री: खरगे

VVinita Kohli
‘हेराल्ड मामले में फैसला आने के बाद’ अब इस्तीफा दें प्रधानमंत्री और गृह मंत्री: खरगे
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नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पांच अन्य के खिलाफ धन शोधन को लेकर प्रवर्तन निदेशालय के आरोप पत्र पर संज्ञान लेने से अदालत द्वारा इनकार किए जाने का हवाला देते हुए बुधवार को कहा कि अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को इस्तीफा दे देना चाहिए। खरगे ने यह आरोप भी लगाया कि यह मामला गांधी परिवार को परेशान करने के लिए राजनीतिक प्रतिशोध के तहत दर्ज कराया गया है। दिल्ली की एक अदालत ने ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले में कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी, सोनिया गांधी और पांच अन्य के खिलाफ धन शोधन के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आरोप पत्र पर संज्ञान लेने से मंगलवार को इनकार कर दिया। 

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खरगे ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘नेशनल हेराल्ड का फर्जी मामला राजनीतिक बदले और द्वेष की भावना से किया गया है।  यह अखबार 1938 में स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा शुरू किया गया था, जिसे भाजपा सरकार धनशोधन जैसी चीजों से जोड़कर बदनाम कर रही है।’’ उन्होंने यह भी कहा, ‘‘सच्चाई है कि इस मामले में कुछ भी नहीं है, लेकिन फिर भी भाजपा इसे मुद्दा बनाकर कांग्रेस पार्टी के नेताओं को परेशान करने की कोशिश कर रही है।’’ कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि मोदी सरकार अपने राजनीतिक फायदे के लिए इसी तरह नेताओं पर ईडी के मामला दर्ज करवाती आई है तथा भाजपा ने इसी तरह लोगों को डराकर अपनी तरफ किया और सरकारें बनाईं। उनका कहना था, ‘‘अब फैसला न्याय के पक्ष में आया है। सत्य की जीत हुई है। हम इस फैसले का बहुत स्वागत करते हैं।’’ खरगे ने कहा कि ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले में फैसला आने के बाद अब नरेन्द्र मोदी और अमित शाह को इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘यह फैसला प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के मुंह पर तमाचा है। उन्हें एक राजीनामा देना चाहिए कि भविष्य में वे लोगों को सताने का काम नहीं करेंगे।’’ 

बाद में खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘16 दिसंबर के अदालत के फ़ैसले ने मोदी सरकार द्वारा कांग्रेस पार्टी के नेताओं पर लगाये गए झूठे आरोप, साज़िश और बदले की भावना को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। मोदी जी ने बार-बार कांग्रेस के नेताओं, ख़ासकर गांधी परिवार पर मनगढ़ंत आरोप लगाए, मीडिया ट्रायल करवाया और देश को गुमराह किया। अदालत के इस फ़ैसले ने उन सभी आरोपों की हवा निकाल दी है और भाजपा सरकार का पर्दाफाश कर दिया है।’’ कांग्रेस नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि ‘नेशनल हेराल्ड’ मामला इस बात का प्रमाण है कि मोदी सरकार कैसे जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करती है। उन्होंने खरगे के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ न्यायाधीश ने कहा कि आपने अनुच्छेद 5 की शर्त को पूरा नहीं किया। सिर्फ एजेंसी ही ये प्राथमिकी दर्ज कर सकती थी, जो नहीं की गई।’’ सिंघवी का कहना था, ‘‘इस केस में कांग्रेस नेताओं से 80 घंटे पूछताछ की गई, बिना ये जाने कि इसमें प्राथमिकी दर्ज ही नहीं हुई।’’ 

उन्होंने कहा कि बिना कानून की नींव के खड़ा किया गया मुकदमा, अपने बोझ से खुद गिर गया। सिंघवी के अनुसार, यह मामला अजीबोगरीब इसलिए है, क्योंकि इसमें ना तो पैसे का कोई लेनदेन हुआ और ना ही अचल संपत्ति का हस्तांतरण हुआ। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा,‘‘ हम सड़कों पर उतरकर इस राजनीतिक प्रतिशोध को बेनकाब करेंगे। पिछले सात वर्षों से कांग्रेस पार्टी को ईडी द्वारा लगातार परेशान किया जा रहा है। हमारे वरिष्ठ नेताओं को बदले की राजनीति के ज़रिए निशाना बनाया जा रहा है और इससे हर कार्यकर्ता गुस्से में है।’’ उन्होंने कहा कि एजेंसियों के दुरुपयोग का पूरे देश में पुरजोर विरोध किया जाएगा।

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