September 25, 2026

जीएमसीएच-32 में इलाज की सुविधाओं को और मजबूत करने पर जोर, प्रशासक ने की विकास कार्यों की समीक्षा

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जीएमसीएच-32 में इलाज की सुविधाओं को और मजबूत करने पर जोर, प्रशासक ने की विकास कार्यों की समीक्षा

जीएमसीएच-32 में स्वास्थ्य सुविधाएं होंगी मजबूत

GMCH-32 Chandigarh: चंडीगढ़ के जीएमसीएच-32 में मरीजों को बेहतर इलाज और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने अस्पताल की व्यवस्थाओं की समीक्षा की है। पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने वीरवार को जीएमसीएच-32 पहुंचकर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं, बुनियादी ढांचे और चल रही विकास परियोजनाओं की जानकारी ली। स्वास्थ्य सचिव मंदीप सिंह बराड़ के साथ उन्होंने अस्पताल के विभिन्न विभागों के प्रमुखों से सीधे बातचीत की और मरीजों को मिल रही सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। समीक्षा के दौरान अस्पताल में काम कर रहे डॉक्टरों, संकाय सदस्यों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की समस्याओं और चुनौतियों की जानकारी भी ली गई। प्रशासन ने अस्पताल की क्षमता बढ़ाने के साथ मरीजों के इलाज से जुड़ी व्यवस्थाओं को और प्रभावी बनाने के लिए जरूरी संसाधनों पर भी चर्चा की।

 

 

रेजिडेंट डॉक्टरों की भर्ती पर विशेष जोर

बैठक में रेजिडेंट डॉक्टरों की भर्ती का मुद्दा प्रमुखता से उठा। अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सा स्टाफ उपलब्ध रहने से विभिन्न विभागों में मरीजों की देखभाल और उपचार व्यवस्था को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी। कटारिया ने अस्पताल के विभागाध्यक्षों से स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी जरूरतों की जानकारी ली। इस दौरान चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदमों और संसाधनों से जुड़े मुद्दों की भी समीक्षा की गई। जीएमसीएच-32 चंडीगढ़ की प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता का सीधा असर मरीजों को मिलने वाली सेवाओं पर पड़ता है।

 

 

मेडिकल उपकरणों की खरीद और दवा सुरक्षा पर चर्चा

बैठक में चिकित्सा उपकरणों की खरीद पर भी विशेष चर्चा हुई। आधुनिक और पर्याप्त उपकरण अस्पताल में जांच और उपचार की क्षमता को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। प्रशासन ने अस्पताल की मौजूदा जरूरतों और विकास परियोजनाओं के साथ इस पहलू की भी समीक्षा की। इसके अलावा औषधि सुरक्षा निगरानी यानी फार्माकोविजिलेंस व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया। फार्माकोविजिलेंस के जरिए दवाओं के इस्तेमाल के बाद सामने आने वाली प्रतिकूल प्रतिक्रियाओं और सुरक्षा संबंधी पहलुओं की निगरानी की जाती है। अस्पताल में इस व्यवस्था को मजबूत करने का उद्देश्य दवाओं के सुरक्षित इस्तेमाल और मरीजों की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर बेहतर निगरानी रखना है।

 

 

स्वास्थ्यकर्मियों की समस्याओं पर भी हुई चर्चा

प्रशासक ने डॉक्टरों, फैकल्टी सदस्यों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों से जुड़ी समस्याओं पर भी चर्चा की। अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रखने में स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका को देखते हुए उनकी कार्य संबंधी जरूरतों और चुनौतियों पर जानकारी ली गई। कटारिया ने स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका की सराहना की और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि लोगों को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। बैठक में जीएमसीएच-32 की निदेशक-प्रधानाचार्य प्रो. रवनीत कौर समेत सभी विभागाध्यक्ष मौजूद रहे। अस्पताल के विभिन्न विभागों की जरूरतों और विकास से जुड़े मुद्दों पर हुई समीक्षा को मरीजों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने की दिशा में देखा जा रहा है।

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