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Gurugram Bus Strike: गुरुग्राम में सिटी बसों का चक्का जाम, सुबह-सुबह 500 ड्राइवर-कंडक्टर हड़ताल पर गए

AAmandeep Singh
Gurugram Bus Strike: गुरुग्राम में सिटी बसों का चक्का जाम, सुबह-सुबह 500 ड्राइवर-कंडक्टर हड़ताल पर गए
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गुरुग्राम। गुरुग्राम में आज सुबह सफर करने वाले हजारों मुसाफिरों को उस वक्त तगड़ा झटका लगा, जब सड़कों से सिटी बसें पूरी तरह गायब दिखीं। गुरुग्राम महानगर सिटी बस सेवा (GMCBL) के सेक्टर-52 डिपो से जुड़े करीब 500 चालक और परिचालक (ड्राइवर-कंडक्टर) सामूहिक रूप से हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मचारियों के इस औचक कदम के कारण सुबह 5 बजे से ही डिपो में सन्नाटा पसर गया और 100 से अधिक लो-फ्लोर सीएनजी बसों के पहिए जहां के तहां थम गए। ऐन वक्त पर हुई इस हड़ताल के चलते बसें अपने निर्धारित रूटों पर नहीं जा सकीं, जिसका सीधा असर शहर की लाइफलाइन पर पड़ा।

ऑटो और कैब वालों ने की चांदी, बसों के इंतजार में घंटों खड़े रहे मुसाफिर

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सुबह के पीक आवर्स में हुए इस चक्का जाम का सबसे तगड़ा खामियाजा नौकरीपेशा लोगों, स्कूली बच्चों और कॉलेज के छात्रों को भुगतना पड़ा। बस स्टॉपों पर अमूमन हर पांच मिनट में दिखने वाली बसें जब घंटों नहीं आईं, तो यात्रियों के सब्र का बांध टूट गया। मजबूरी में लोगों को दफ्तर और गंतव्य तक पहुंचने के लिए ऑटो, ई-रिक्शा और उबर-ओला जैसी कैब सेवाओं का सहारा लेना पड़ा। इस स्थिति का फायदा उठाकर निजी वाहन चालकों ने मनमाना किराया वसूला, जिससे आम जनता की जेब पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ आ पड़ा। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और मुख्य चौराहों पर यात्रियों की भारी भीड़ गाड़ियों के इंतजार में भटकती नजर आई।

क्यों अड़े हैं बस कर्मचारी? सेक्टर-52 डिपो में जमकर नारेबाजी

दरअसल, गुरुग्राम में सिटी बसों के संचालन के लिए दो मुख्य डिपो बनाए गए हैं—एक सेक्टर-10 में है और दूसरा सेक्टर-52 में। फिलहाल राहत की बात यह है कि सेक्टर-10 डिपो में कामकाज सामान्य है, लेकिन सेक्टर-52 डिपो पूरी तरह ठप पड़ा है। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का आरोप है कि वे लंबे समय से सम्मानजनक वेतन वृद्धि, तय समय पर वर्दी भत्ता और डिपो में मूलभूत सुविधाएं देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन केवल कोरे आश्वासन दे रहा है। आज सुबह सभी ड्राइवर और कंडक्टर डिपो तो पहुंचे, लेकिन उन्होंने बसों की चाबियां हाथ में लेने से साफ इनकार कर दिया और परिसर के भीतर ही धरने पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी।

30 से ज्यादा रूटों पर संकट, अधिकारी बोले— ‘जल्द निकलेगा रास्ता’

गुरुग्राम की सड़कों पर जीएमसीबीएल की करीब 150 बसें 30 से अधिक रूटों पर दौड़ती हैं, जिनमें से बड़ा हिस्सा इसी सेक्टर-52 डिपो के जिम्मे है। हड़ताल को बढ़ता देख परिवहन विभाग और जीएमसीबीएल के आला अधिकारी तुरंत हरकत में आए और प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की मेज पर बैठे। अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों की जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जा रहा है और बीच का रास्ता निकालने की कोशिश जारी है। हालांकि, दूसरी तरफ आंदोलनकारी चालकों ने दो टूक कह दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और लिखित फैसला नहीं होता, वे बसों को हाथ नहीं लगाएंगे। तब तक गुरुग्राम के नागरिकों को वैकल्पिक साधनों के भरोसे ही सफर तय करना होगा।

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