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Gurugram Water Supply : गुरुग्राम में पानी की किल्लत होगी खत्म! GMDA बिछाएगा नई मास्टर पाइपलाइन, जानें किन इलाकों को होगा फायदा

AAmandeep Singh
गुरुग्राम में पानी की किल्लत होगी खत्म! GMDA बिछाएगा नई मास्टर पाइपलाइन, जानें किन इलाकों को होगा फायदा
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गुरुग्राम। गुरुग्राम की चमक-धमक वाली इमारतों के पीछे पानी की किल्लत एक कड़वी सच्चाई रही है। लेकिन अब शहरवासियों के लिए राहत भरी खबर है। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) ने शहर के जल वितरण नेटवर्क को पूरी तरह अपग्रेड करने का फैसला लिया है। बढ़ती आबादी और नए बसते सेक्टरों की प्यास बुझाने के लिए प्राधिकरण दो प्रमुख रूटों पर नई मास्टर पाइपलाइन बिछाने जा रहा है। इस कदम से न केवल पानी की बर्बादी रुकेगी, बल्कि टेल-एंड (अंतिम छोर) तक रहने वाले लोगों को भी पर्याप्त दबाव के साथ पानी मिल सकेगा।

बसई से साइबर सिटी तक बिछेगा जाल

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जीएमडीए की इस योजना को दो हिस्सों में बांटा गया है। पहली पाइपलाइन बसई वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) से शुरू होकर पालम विहार, डूंडाहेड़ा और सूर्या विहार जैसे घनी आबादी वाले इलाकों से गुजरते हुए सीधे साइबर सिटी और DLF फेज-2 तक पहुंचेगी। दूसरी पाइपलाइन सेक्टर-16 से सिरहौल होते हुए DLF फेज-2 के सप्लाई नेटवर्क को मजबूती देगी। फिलहाल इन इलाकों में पुरानी पाइपलाइनों पर दबाव अधिक होने के कारण अक्सर लीकेज और सप्लाई बाधित होने की शिकायतें आती रहती हैं।

भविष्य की जरूरतों पर नजर: 2028 है डेडलाइन

गुरुग्राम जिस रफ्तार से बढ़ रहा है, उसे देखते हुए मौजूदा सिस्टम पर भारी बोझ पड़ रहा है। कई सेक्टरों में अनियमित सप्लाई और लो-प्रेशर की समस्या आम है। जीएमडीए के अधिकारियों का कहना है कि यह प्रोजेक्ट केवल आज की नहीं, बल्कि अगले एक दशक की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। परियोजना को पूरा करने के लिए साल 2028 तक का समय तय किया गया है। टेंडर प्रक्रिया शुरू होते ही धरातल पर काम दिखने लगेगा, जिससे पुरानी पाइपलाइनों पर निर्भरता कम होगी और तकनीकी खराबी के कारण होने वाली कटौती बीते दौर की बात हो जाएगी।

लीकेज और अवैध कनेक्शनों पर भी होगी सख्ती

नई पाइपलाइन बिछाने के साथ-साथ जीएमडीए अपने मॉनिटरिंग सिस्टम को भी आधुनिक बना रहा है। नई पाइपलाइनों में सेंसर और स्मार्ट मीटरिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे पानी की चोरी और लीकेज का तुरंत पता चल सके। प्राधिकरण का मानना है कि इस बुनियादी सुधार के बाद गुरुग्राम के उन पॉश और पुराने इलाकों में पानी की किल्लत काफी हद तक समाप्त हो जाएगी, जहाँ गर्मियों के दौरान टैंकर माफिया हावी हो जाते हैं।

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