Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

CBSE 10th Result Suicide: गुरुग्राम में रिजल्ट का खौफ: CBSE 10वीं के छात्र ने फंदा लगाकर दी जान, परिवार में कोहराम

AAmandeep Singh
गुरुग्राम में रिजल्ट का खौफ: CBSE 10वीं के छात्र ने फंदा लगाकर दी जान, परिवार में कोहराम
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

गुरुग्राम। बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम जहां कई परिवारों के लिए खुशियां लेकर आते हैं, वहीं कभी-कभी ये गहरे जख्म भी दे जाते हैं। गुरुग्राम के पटौदी इलाके से एक ऐसी ही हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने परीक्षा के बढ़ते दबाव और छात्रों की मानसिक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बुधवार को सीबीएसई 10वीं का रिजल्ट आने के बाद जाटोली मंडी स्थित बाबा हरदेवा कॉलोनी के एक छात्र ने कथित तौर पर परिणाम से परेशान होकर आत्महत्या कर ली।

पिता के पास था, फिर अचानक हुआ ओझल

विज्ञापन

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, एम.डी. स्कूल का छात्र कुणाल पुत्र जगनमोहन दोपहर तक अपने पिता के साथ ही घर पर मौजूद था। जैसे ही सोशल मीडिया और इंटरनेट पर 10वीं का रिजल्ट जारी होने की खबर फैली, कुणाल अचानक कहीं गायब हो गया। पिता को जब रिजल्ट की सूचना मिली, तो उन्होंने बेटे को ढूंढना शुरू किया, लेकिन वह घर के बाकी हिस्सों में कहीं नजर नहीं आया।

कमरा खोलते ही उड़े होश

काफी देर तक तलाश करने के बाद जब कुणाल का पता नहीं चला, तो परिजनों का ध्यान बंद कमरे की तरफ गया। अनहोनी की आशंका में जब दरवाजा तोड़ा गया, तो अंदर का मंजर देख सबकी चीख निकल गई। कुणाल पंखे के सहारे फंदे पर लटका हुआ था। आनन-फानन में उसे नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। 10वीं की दहलीज पार कर भविष्य के सपने बुनने वाले इस छात्र ने नतीजे आने के चंद मिनटों के भीतर ही मौत को गले लगा लिया।

अपील: अंक नहीं, जीवन की कीमत पहचानें

स्थानीय पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है कि क्या कुणाल कम अंकों की वजह से तनाव में था या कोई और कारण रहा। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। शिक्षाविदों और मनोवैज्ञानिकों ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों पर अंकों का दबाव न बनाएं और उन्हें यह समझाएं कि कोई भी मार्कशीट जिंदगी से बड़ी नहीं होती। फिलहाल, कुणाल के घर में चीख-पुकार मची है और पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।

विज्ञापन

गुरुग्राम की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।