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Gurugram Train Accident: गुरुग्राम में ट्रेन पटरी पार करना पड़ा भारी, मां-बेटी की दर्दनाक मौत

AAmandeep Singh
गुरुग्राम में ट्रेन पटरी पार करना पड़ा भारी, मां-बेटी की दर्दनाक मौत
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गुरुग्राम। गुरुग्राम के गढ़ी हरसरू स्टेशन पर बुधवार की सुबह चीख-पुकार में बदल गई। अलियार ढाणा गांव का एक परिवार खुशी-खुशी जयपुर जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन स्टेशन पहुंचते ही सब कुछ खत्म हो गया। मधुबाला अपनी बेटी ममता और परिवार के तीन अन्य सदस्यों के साथ जयपुर में अपने भाई से मिलने जा रही थीं। सुबह करीब 5:30 बजे जब वे प्लेटफॉर्म नंबर दो के पास ट्रैक पार कर टिकट लेने जा रहे थे, तभी यह दर्दनाक वाकया हुआ।

दो पटरियों के बीच का वो घातक भ्रम

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हादसे के शिकार हुए परिवार के सदस्यों ने बताया कि वे पटरी पार कर रहे थे, तभी दिल्ली की ओर से एक ट्रेन आती दिखी। उस ट्रेन से बचने के लिए मां-बेटी आनन-फानन में दूसरी पटरी पर जाकर खड़ी हो गईं। बदकिस्मती से उसी वक्त रेवाड़ी की तरफ से भी एक ट्रेन तेज रफ्तार में आ गई। पहली ट्रेन के शोर और इंजन की गड़गड़ाहट में उन्हें दूसरी तरफ से आ रही मौत की आहट सुनाई नहीं दी। करीब 100 की स्पीड से दौड़ रही ट्रेन ने दोनों को अपनी चपेट में ले लिया।

स्टेशन पर पसरा मातम, क्षत-विक्षत मिले शव

ट्रेन मां-बेटी के शरीर को करीब 200 मीटर तक घसीटते हुए ले गई। मौके पर पहुंची जीआरपी पुलिस के लिए भी मंजर देख पाना आसान नहीं था। ट्रैक पर कहीं हाथ बिखरे थे तो कहीं पैर। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से शवों के अवशेषों को एकत्र किया। सूचना मिलते ही जीआरपी थाना से आईओ बाबूलाल अपनी टीम के साथ पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया। इस हादसे की खबर जैसे ही गांव अलियार ढाणा पहुंची, वहां सन्नाटा पसर गया।

रसूखदार परिवार से था नाता

इस हादसे ने राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में भी शोक की लहर पैदा कर दी है। मृतका ममता के ससुर विनोद, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के विभाग कार्यवाह ब्रजेश सिंह के भाई हैं। वहीं, ब्रजेश के बड़े भाई महेश चौहान भाजपा के कद्दावर नेता हैं और हिमाचल प्रदेश के प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। घटना के बाद स्टेशन पर भारी संख्या में लोग और परिजन जमा हो गए।

पुलिसिया कार्रवाई और जांच

जीआरपी के जांच अधिकारी बाबूलाल ने बताया कि शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गुरुग्राम के नागरिक अस्पताल भेज दिया गया है। शुरुआती जांच में यह साफ तौर पर लापरवाही और तालमेल की कमी का मामला लग रहा है। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या उस वक्त स्टेशन पर कोई एनाउंसमेंट हुआ था या नहीं। फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है कि आखिर चूक किस स्तर पर हुई।

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