Hansi Collector Rate Hike: हरियाणा लैंड अपडेट: हांसी में कृषि और रिहायशी भूमि के कलेक्टर रेट में बड़े बदलाव की तैयारी

AAmandeep Singh
हरियाणा लैंड अपडेट: हांसी में कृषि और रिहायशी भूमि के कलेक्टर रेट में बड़े बदलाव की तैयारी
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हरियाणा। हांसी के नए प्रशासनिक स्वरूप के साथ ही अब यहाँ की जमीनों की सरकारी कीमतों में भी बड़ा बदलाव होने जा रहा है। जिला प्रशासन ने आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कलेक्टर रेट का नया ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। गौर करने वाली बात यह है कि जिला बनने के बाद यह पहला मौका है जब प्रशासन जमीनों की कीमतों का पुनर्मूल्यांकन कर रहा है। प्रस्तावित ड्राफ्ट के अनुसार, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की रिहायशी व कृषि भूमि के दामों में बाजार भाव (मार्केट रेट) के करीब लाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव से सरकार के राजस्व में तो इजाफा होगा, लेकिन निवेशकों और घर खरीदारों के लिए रजिस्ट्री कराना अब महंगा सौदा साबित होगा।

हाईवे और लिंक रोड की जमीनों में 50% तक की तेजी

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प्रशासनिक ड्राफ्ट की मानें तो सबसे ज्यादा गाज नेशनल हाईवे और प्रमुख सड़क मार्गों के आसपास स्थित जमीनों पर गिरने वाली है। कुतुबपुर-हांसी रोड के पास जो कृषि भूमि अब तक करीब 26 लाख रुपये प्रति एकड़ के सरकारी रेट पर थी, उसे बढ़ाकर 39 लाख रुपये प्रति एकड़ करने का प्रस्ताव है। इसी तरह ढाणा और इसके आसपास के क्षेत्रों में भी 20 से 40% तक की बढ़ोतरी सुझाई गई है। अधिकारियों का तर्क है कि इन इलाकों में पिछले कुछ वर्षों में विकास की गति तेज हुई है और वास्तविक बाजार भाव सरकारी रेट से कहीं ज्यादा ऊपर जा चुके हैं।

इन गांवों पर पड़ेगा सीधा असर: उमरा से शेखपुरा तक बढ़ेंगे दाम

ड्राफ्ट रिपोर्ट में उमरा, कुतुबपुर, ढाणा, शेखपुरा और गंगवा जैसे गांवों को ‘महंगे जोन’ में शामिल करने की तैयारी है। कुतुबपुर में हाईवे से सटी जमीनों के रेट में जहां रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी होगी, वहीं शेखपुरा और इसके आस-पास के ग्रामीण अंचलों में 10 से 15% तक की वृद्धि प्रस्तावित है। प्रशासन का उद्देश्य उन विसंगतियों को दूर करना है जहां प्राइम लोकेशन होने के बावजूद सरकारी रेट काफी कम थे। हालांकि, इन नई दरों के लागू होने से मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए मकान बनाना या निवेश करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

आपत्तियों के बाद लगेगी अंतिम मुहर

वर्तमान में यह केवल एक प्रस्तावित ड्राफ्ट है जिसे संबंधित तहसीलदारों और वरिष्ठ अधिकारियों के पास समीक्षा के लिए भेजा गया है। सूत्रों की मानें तो जल्द ही इसे सार्वजनिक कर आपत्तियां भी मांगी जा सकती हैं। यदि यह ड्राफ्ट बिना किसी बड़े बदलाव के पास हो जाता है, तो हांसी के रियल एस्टेट बाजार की सूरत पूरी तरह बदल जाएगी। जमीन की खरीद-फरोख्त में अब न केवल रजिस्ट्री महंगी होगी, बल्कि स्टाम्प ड्यूटी का बोझ भी बढ़ेगा। स्थानीय प्रॉपर्टी डीलरों का मानना है कि इस घोषणा के बाद बाजार में जल्दबाजी में रजिस्ट्री कराने वालों की भीड़ बढ़ सकती है।

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