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Haryana E-Kharid App: हरियाणा में खेती का नया दौर: ई-खरीद ऐप से किसानों को घर बैठे मिलेंगे गेट पास और पेमेंट अपडेट

AAmandeep Singh
हरियाणा में खेती का नया दौर: ई-खरीद ऐप से किसानों को घर बैठे मिलेंगे गेट पास और पेमेंट अपडेट
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हरियाणा। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने आज रबी सीजन 2026-27 की खरीद समीक्षा के दौरान प्रदेश के अन्नदाताओं के लिए बड़ी घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि प्रदेश की मंडियों में गेहूं की जो रिकॉर्ड आवक हुई है, वह किसानों के पसीने और मेहनत का नतीजा है। आंकड़ों की मानें तो इस बार गेहूं की आवक ने पिछले 4 वर्षों का रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है। अकेले 11 अप्रैल को ही 7.71 लाख मीट्रिक टन की रिकॉर्ड आवक दर्ज की गई, जो व्यवस्था के लिहाज से एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन सरकार ने इसे सुचारू रूप से संभाला।

डिजिटल कवच से रुकेगा फर्जीवाड़ा

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मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया कि अब खरीद प्रक्रिया में हेरफेर की गुंजाइश शून्य कर दी गई है। प्रदेश की 416 मुख्य मंडियों और 128 सब-यार्ड्स में बायोमेट्रिक सत्यापन के साथ-साथ ‘जियो-फेंसिंग’ तकनीक लागू की गई है। इसका मतलब यह है कि बिना वास्तविक आवक और सत्यापन के कोई भी कागजी खरीद संभव नहीं होगी। सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में हो रही इस पारदर्शी व्यवस्था से असली हकदार किसानों को समय पर टोकन और गेट-पास मिल रहे हैं।

ई-खरीद ऐप: किसानों की जेब में होगी मंडी

भविष्य की तैयारियों का खाका खींचते हुए सीएम सैनी ने बताया कि सरकार जल्द ही ‘ई-खरीद’ मोबाइल ऐप्लिकेशन लॉन्च करने जा रही है। इस ऐप के आने के बाद किसानों को भुगतान के स्टेटस या गेट पास के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। इसके अलावा, व्हाट्सएप के जरिए मिलने वाले QR कोड आधारित ‘J-फॉर्म’ से किसानों की साख मजबूत होगी, जिससे उन्हें बैंक से तत्काल कृषि ऋण लेने में मदद मिलेगी।

उठान और भुगतान की तेज रफ्तार

मंडियों में जाम की स्थिति न बने, इसके लिए रोजाना करीब 3.5 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उठान सुनिश्चित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 24 अप्रैल तक मंडियों में पहुंचे 81 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की कीमत 21 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा है। सरकार की प्राथमिकता है कि फसल बिकने के 48 से 72 घंटों के भीतर पैसा सीधे किसान के खाते में पहुंचे। साथ ही, अब धान मिलर्स के पेमेंट सिस्टम को भी इसी पारदर्शी ढांचे से जोड़ने की योजना पर काम चल रहा है।

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