Harpal Cheema Employee Meeting : चंडीगढ़ के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों मुलाजिमों के मुद्दे सबसे ऊपर बने हुए हैं। इसी कड़ी में वित्त मंत्री और कैबिनेट उप-समिति के अध्यक्ष हरपाल सिंह चीमा ने विभिन्न कर्मचारी और कांट्रेक्ट कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ मैराथन बैठकें कीं। इन मुलाकातों का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की उन पुरानी और उलझी हुई समस्याओं का हल निकालना था, जो लंबे समय से फाइलों में धूल फांक रही हैं।
प्रतिनिधिमंडलों की बात को बेहद गौर से सुनते हुए वित्त मंत्री चीमा ने उन्हें पूरी तरह निष्पक्ष और सहानुभूतिपूर्ण सुनवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने बैठक में मौजूद संबंधित विभागों और बोर्ड के उच्च अधिकारियों को कड़ी हिदायत दी कि वे सभी मामलों के तकनीकी और वित्तीय पहलुओं की तुरंत समीक्षा करें, ताकि बिना किसी देरी के एक व्यावहारिक और समयबद्ध समाधान तक पहुंचा जा सके।
इन सुलगते मुद्दों पर हुई लंबी चर्चा
बैठक के दौरान यूनियनों के प्रतिनिधियों ने सरकार के सामने अपनी मांगों का पिटारा खोल दिया। चर्चा के केंद्र में मुख्य तौर पर वे मुद्दे रहे जो सीधे तौर पर कर्मचारियों के भविष्य और आजीविका से जुड़े हैं।
- नियमितीकरण का पेंच : कांट्रेक्ट कर्मचारियों को पक्का करने और आउटसोर्सिंग के जरिए काम कर रहे मुलाजिमों को सीधे विभागीय पेरोल पर लाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
- वेतन वृद्धि और वित्तीय राहत : कर्मचारियों की रुकी हुई वार्षिक वेतन वृद्धि यानी एनुअल इंक्रीमेंट को तुरंत बहाल करने की मांग पर भी गंभीर चर्चा हुई।
- स्मार्ट मीटर और पेंशन : बिजली सेक्टर में स्मार्ट मीटर लगने के बाद कर्मचारियों पर पड़ने वाले असर से बचाव के उपाय करने और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन से जुड़ी राहत देने के मामलों पर भी विस्तार से मंथन किया गया।
कई प्रमुख यूनियनों ने सौंपे मांग पत्र
इस अहम बैठक में राज्यभर से आए कई बड़े संगठनों ने हिस्सा लिया और अपनी मांगों से जुड़े ज्ञापन वित्त मंत्री को सौंपे। अपनी उपस्थिति दर्ज कराने वाले प्रमुख संगठनों में एनलिस्टमेंट-आउटसोर्सिंग को-ऑर्डिनेशन कमेटी पंजाब, पंजाब वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड कॉन्ट्रैक्ट एम्प्लॉइज यूनियन, पावरकॉम एंड ट्रांसको कॉन्ट्रैक्ट एम्प्लॉइज यूनियन और पावरकॉम मीटर रीडर यूनियन (इंडिपेंडेंट) शामिल रहे।
इसके अलावा सोशल वर्कर्स यूनियन (बीआरसी, सीडीएस, आईईसी), रिटायर्ड होम गार्ड्स वेलफेयर एसोसिएशन, यूनाइटेड फिजिकल एजुकेशन पंजाब, को-ऑपरेटिव शुगर मिल्स वर्कर्स फेडरेशन, बेरोजगार साझा मोर्चा (अनएम्प्लॉयड जॉइंट फ्रंट) और नेशनल हेल्थ मिशन कोरोना वॉलंटियर्स यूनियन के नुमाइंदों ने भी अपनी आवाज बुलंद की। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि वित्त मंत्री के इन निर्देशों के बाद प्रशासनिक स्तर पर कितना और कितनी जल्दी बदलाव देखने को मिलता है।

