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हरियाणा के किसानों के लिए बड़ी खबर: 96% गांवों का डिजिटल नक्शा तैयार, अगस्त से शुरू होगा बड़ा सर्वे

GGaganpreet Kaur
हरियाणा के किसानों के लिए बड़ी खबर: 96% गांवों का डिजिटल नक्शा तैयार, अगस्त से शुरू होगा बड़ा सर्वे
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हरियाणा सरकार ने कृषि व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए कमर कस ली है। केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी ‘एग्रीस्टैक’ कार्यक्रम को जमीन पर उतारने में हरियाणा देश के अग्रणी राज्यों में शुमार हो गया है। राज्य ने अब तक अपने करीब 1.75 करोड़ कृषि भूखंडों (खेतों) की जियो-रैफरेंसिंग यानी सैटेलाइट आधारित मैपिंग पूरी कर ली है। इसके साथ ही सूबे के करीब 96 प्रतिशत गांवों का डिजिटल मानचित्रण भी मुकम्मल हो चुका है, जिससे अब जमीन की मिल्कियत और फसल का सटीक ब्योरा एक क्लिक पर उपलब्ध होगा।

मुख्य सचिव की बैठक में सामने आए आंकड़े

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चंडीगढ़ में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई ‘एग्रीस्टैक’ संचालन समिति की उच्च स्तरीय बैठक में इन आंकड़ों को साझा किया गया। बैठक में मुख्य सचिव ने साफ किया कि इस डिजिटल पहल का सीधा फायदा राज्य के अन्नदाता को मिलने वाला है। किसानों के भूमि रिकॉर्ड, मालिकाना हक और फसलों की सटीक जानकारी एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आने से सरकारी योजनाओं में होने वाली गड़बड़ियों और दोहराव पर लगाम लगेगी। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और सब्सिडी की राशि बिना किसी देरी के सीधे असली हकदार तक पहुंच सकेगी।

8 लाख से ज्यादा किसानों को मिली अपनी अलग आईडी

राजस्व विभाग की वित्तीय आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने बैठक के दौरान बताया कि प्रदेश के 7,100 गांवों में से 6,808 गांवों की डिजिटल मैपिंग का काम शत-प्रतिशत पूरा किया जा चुका है, जो कुल हिस्से का 95.89 फीसदी है। बाकी बचे गांवों को भी अगले दो महीने के भीतर इस नेटवर्क से जोड़ दिया जाएगा। इस सिस्टम के तहत अब तक 11.58 लाख किसानों ने अपना पंजीकरण कराया है, जिनमें से 8.32 लाख किसानों की प्रमाणित ‘किसान आईडी’ तैयार भी की जा चुकी है। ग्रामीण इलाकों में इस काम को रफ्तार देने के लिए कॉमन सर्विस सेंटरों (CSC) की मदद ली जा रही है।

अगस्त 2026 से शुरू होगा डिजिटल फसल सर्वे

इस पूरी डिजिटल कवायद का सबसे बड़ा इम्तिहान आने वाले अगस्त महीने में होगा। बैठक में खरीफ-2026 सीजन के लिए प्रस्तावित डिजिटल फसल सर्वेक्षण की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। यह सर्वे राज्य के सभी 23 जिलों में एक साथ चलाया जाएगा। इसके लिए करीब 6,500 सर्वेक्षकों की विशेष टीम तैयार की जा रही है, जो खेतों में जाकर सीधे मोबाइल ऐप के जरिए फसलों का डेटा अपलोड करेगी। अधिकारियों के मुताबिक, राजस्व विभाग के पास मौजूद 1.75 करोड़ किसानों के पुराने रिकॉर्ड को भी इस नई ‘किसान रजिस्ट्री’ के साथ लिंक किया जा रहा है ताकि इस व्यवस्था को फुलप्रूफ बनाया जा सके।

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