Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Ayushman Bharat Haryana News: हरियाणा में आयुष्मान कार्ड पर मुफ्त इलाज बंद! निजी अस्पतालों ने सरकार को दिया 20 अप्रैल तक का अल्टीमेटम

AAmandeep Singh
हरियाणा में आयुष्मान कार्ड पर मुफ्त इलाज बंद! निजी अस्पतालों ने सरकार को दिया 20 अप्रैल तक का अल्टीमेटम
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

हरियाणा। में मुफ्त इलाज की उम्मीद संजोए लाखों आयुष्मान और चिरायु कार्ड धारकों के लिए आने वाले दिन मुश्किल भरे हो सकते हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की हरियाणा इकाई ने प्रदेश सरकार और आयुष्मान भारत स्वास्थ्य संरक्षण प्राधिकरण के खिलाफ कड़ा रुख अपना लिया है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि उनके बकाये का भुगतान और प्रशासनिक सुधार 20 अप्रैल तक नहीं किए गए, तो निजी अस्पताल इस योजना के तहत मरीजों को भर्ती करना बंद कर देंगे। डॉक्टरों के इस अल्टीमेटम ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है।

करोड़ों के क्लेम अटके, अस्पतालों की टूटी कमर

विज्ञापन

अस्पतालों की सबसे बड़ी नाराजगी भुगतान में होने वाली बेतहाशा देरी को लेकर है। आईएमए के अनुसार, नियमों के मुताबिक इलाज का भुगतान 15 दिनों के भीतर हो जाना चाहिए, लेकिन हकीकत इसके उलट है। सितंबर 2025 से लेकर अब तक के करोड़ों रुपये के क्लेम फाइलों में दबे पड़े हैं। कई अस्पतालों का कहना है कि उन्होंने विभाग की हर आपत्ति (Query) का जवाब दे दिया है, फिर भी भुगतान जारी नहीं किया जा रहा। संसाधनों की कमी और कर्मचारियों की सैलरी के बोझ तले दबे निजी अस्पताल अब और अधिक ‘उधार’ पर इलाज करने की स्थिति में नहीं हैं।

बैठकों का अभाव और प्रतिनिधित्व पर सवाल

डॉक्टरों की नाराजगी केवल पैसों तक सीमित नहीं है, बल्कि सिस्टम की अनदेखी भी बड़ा मुद्दा है। IMA हरियाणा का आरोप है कि जनवरी 2025 में खुद मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए थे कि IMA के प्रतिनिधियों को ‘एम्पैनलमेंट और ग्रीवेंस कमेटी’ में जगह दी जाए, लेकिन अधिकारियों ने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। पिछले पांच महीनों से इन कमेटियों की कोई बैठक नहीं हुई है, जिसके कारण न तो नए अस्पतालों को योजना से जोड़ा जा रहा है और न ही लंबित शिकायतों का निपटारा हो पा रहा है।

20 अप्रैल के बाद क्या होगा?

IMA के पत्र में साफ कहा गया है कि अगर 20 अप्रैल तक लंबित भुगतान जारी नहीं हुआ और कमेटियों का गठन नहीं किया गया, तो हरियाणा के निजी अस्पताल सामूहिक रूप से योजना से बाहर होने का फैसला लेंगे। यदि ऐसा होता है, तो ग्रामीण और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए निजी अस्पतालों में महंगा इलाज करवाना नामुमकिन हो जाएगा। फिलहाल सबकी नजरें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं—क्या स्वास्थ्य विभाग बातचीत के जरिए इस गतिरोध को सुलझा पाएगा या 20 अप्रैल के बाद गरीबों के लिए निजी अस्पतालों के दरवाजे बंद हो जाएंगे?

विज्ञापन

हरियाणा की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।