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Bhiwani vigilance arrest: बवानीखेड़ा तहसील में विजिलेंस का छापा: एक लाख की घूस लेते पटवारी और वकील रंगे हाथों गिरफ्तार

GGaganpreet Kaur
बवानीखेड़ा तहसील में विजिलेंस का छापा: एक लाख की घूस लेते पटवारी और वकील रंगे हाथों गिरफ्तार
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भिवानी। हरियाणा में सरकारी दफ्तरों में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस विभाग (एंटी करप्शन ब्यूरो) का डंडा एक बार फिर पूरी ताकत से चला है। भिवानी जिले के बवानीखेड़ा तहसील कार्यालय में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब विजिलेंस की टीम ने एक पटवारी और उसके साथी वकील को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। भिवानी विजिलेंस के इंस्पेक्टर जगजीत के नेतृत्व और जिला मत्स्य अधिकारी व ड्यूटी मजिस्ट्रेट सुरेंद्र सिंह की सीधी निगरानी में इस पूरी ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

वकील के जरिए पटवारी ने बुना था रिश्वत का ताना-बाना

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इस पूरे खेल का पर्दाफाश तब हुआ जब परवीन नाम के एक स्थानीय व्यक्ति ने विजिलेंस विभाग से संपर्क किया। पीड़ित ने अपनी शिकायत में बताया था कि उसकी जमीन की खेवट तकसीम (पारिवारिक बंटवारा) का काम लंबे समय से अटका हुआ था। आरोप है कि हल्का पटवारी नरेंद्र इस काम को करने के बदले एक लाख रुपये की डिमांड कर रहा था। पटवारी ने सीधे पैसे न लेकर कोर्ट परिसर के ही वकील भूपेंद्र को इस डील का जरिया बनाया था। परवीन भ्रष्टाचार के आगे झुकना नहीं चाहता था, इसलिए उसने विजिलेंस को इसकी भनक दे दी।

जाल बिछाकर रंगे हाथों दबोचे गए दोनों आरोपी

शिकायत की सत्यता जांचने के बाद विजिलेंस ने तुरंत एक स्पेशल टीम का गठन किया। योजना के मुताबिक, पीड़ित परवीन केमिकल लगे नोटों से भरा बैग लेकर जैसे ही तहसील कार्यालय में वकील भूपेंद्र के पास पहुंचा और पैसे थमाए, वैसे ही पहले से घात लगाकर बैठी विजिलेंस टीम ने इशारा मिलते ही दोनों को घेर लिया। मौके पर ही आरोपियों के हाथ धुलवाए गए, तो पानी का रंग लाल हो गया, जिससे घूसखोरी की पुष्टि हो गई। टीम ने मौके से ही रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली है। इस बड़ी मछली के फंसते ही तहसील के अन्य कर्मचारी अपनी कुर्सियां छोड़कर खिसकते नजर आए। विजिलेंस अधिकारियों का साफ कहना है कि आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत सख्त मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और यह जांच यहीं नहीं रुकेगी, बल्कि इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य कड़ियों को भी खंगाला जाएगा।

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