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Pataudi MLA Bimla Chaudhary: हरियाणा में अनोखी राजनीति: चुनाव जीतते ही BJP विधायक बिमला चौधरी ने कुंवारे लड़कों से मांगे बायोडाटा, शादी कराने की ली गारंटी

AAmandeep Singh
हरियाणा में अनोखी राजनीति: चुनाव जीतते ही BJP विधायक बिमला चौधरी ने कुंवारे लड़कों से मांगे बायोडाटा, शादी कराने की ली गारंटी
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हरियाणा। अमूमन चुनावी मौसम में राजनीतिक दलों और नेताओं को आपने मुफ्त बिजली, पानी, चमचमाती सड़कें और नौकरियों की झड़ी लगाते हुए खूब सुना होगा। लेकिन हरियाणा की सियासत में इन दिनों एक ऐसी विधायक की चर्चा जोरों पर है, जिन्होंने जनता से विकास के साथ-साथ युवाओं का ‘घर बसाने’ की भी लिखित गारंटी दे डाली थी। हम बात कर रहे हैं पटौदी विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी की विधायक बिमला चौधरी की। रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव में भाजपा की बंपर जीत दर्ज होने के बाद, विधायक साहिबा अपने इस अनोखे वादे को अमलीजामा पहनाने के मूड में आ गई हैं। उन्होंने सार्वजनिक मंच से एलान कर दिया है कि इलाके के जितने भी योग्य लड़के कुंवारे घूम रहे हैं, वे बिना देर किए अपना बायोडाटा उनके दफ्तर पहुंचा दें, शादी कराने की जिम्मेदारी उनकी होगी।

‘वोट का कर्ज चुकाया, अब लाओ बायोडाटा’— धन्यवाद सभा में बंधी उम्मीदों की डोर

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इस पूरी दिलचस्प कहानी की कड़ियां रेवाड़ी नगर परिषद के नतीजों से जुड़ी हैं, जहां भाजपा की चेयरपर्सन उम्मीदवार विनीता पीपल ने एकतरफा मुकाबले में जीत हासिल की। इसी जीत के उपलक्ष्य में गुरुवार को रेवाड़ी के रामपुरा इलाके में एक भव्य धन्यवाद समारोह का आयोजन किया गया था। मंच पर सूबे की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव की मौजूदगी में जब पटौदी विधायक बिमला चौधरी माइक पर आईं, तो उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरने के साथ ही सीधे अपनी जुबान की याद दिलाई। उन्होंने दो टूक कहा,

“मैंने चुनाव प्रचार के दौरान गोल चक्कर की रैली में माताओं-बहनों से जो वादा किया था, मैं आज भी उस पर पूरी तरह कायम हूं। अगर आपकी नजर में कोई भी कुंवारा लड़का है, तो तुरंत उसका बायोडाटा मुझे लाकर दीजिए। हमने पहले भी इस अंचल के कई घरों की शादियां कराई हैं और अब जो भी नौजवान बचे हैं, उनका घर बसाने का जिम्मा मेरा है।”

जब चुनावी रैली में खुला था ‘शादी दफ्तर’, ठहाकों से गूंज उठा था पंडाल

दरअसल, इस पूरी ‘मैरिज ब्यूरो पॉलिटिक्स’ की शुरुआत मतदान से ठीक पहले रेवाड़ी के गोल चक्कर पर आयोजित एक बड़ी जनसभा में हुई थी। तब बिमला चौधरी ने महिलाओं को संबोधित करते हुए भावुक अंदाज में कहा था कि आप बस भाजपा को भारी मतों से जिताकर भेज दो, शहर के विकास के साथ-साथ जिन बच्चों की शादियां उम्र होने के बाद भी नहीं हो पा रही हैं, उनके फेरे कराने का प्रबंध भी मैं खुद करूंगी। विधायक के मुंह से यह बात सुनते ही पूरा पंडाल ठहाकों से गूंज उठा था। उस वक्त भी मंच पर बैठीं स्वास्थ्य मंत्री आरती राव अपनी हंसी नहीं रोक पाई थीं और उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा था कि ऐसा लग रहा है मानो बिमला जी ने रेवाड़ी में अपना ‘शादी दफ्तर’ ही खोल दिया है।

स्वास्थ्य मंत्री ने फिर लिए मजे, बोलीं- ‘शर्माओ मत, इन्हें बता दो’

अब जब चुनावी नतीजे पूरी तरह भाजपा के पक्ष में आ चुके हैं, तो धन्यवाद कार्यक्रम के दौरान भी इस मुद्दे पर जमकर हास्य-व्यंग्य के तीर चले। बिमला चौधरी द्वारा दोबारा बायोडाटा मांगे जाने पर पास खड़ीं स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने एक बार फिर माइक संभाला और जनता की तरफ देखते हुए मजे लिए। उन्होंने हंसते हुए कहा, “भाई! अब तो चेयरपर्सन हमारी बन चुकी है। यहां पंडाल में भी अगर कोई कुंवारा घूम रहा हो या किसी के घर में शादी की उम्र का लड़का हो, तो शर्माने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, सीधे इन्हें (बिमला चौधरी को) बता दो, ये तुरंत शहनाई बजवा देंगी।” खुद को पलवल की बेटी बताने वाली बिमला चौधरी ने कहा कि वह 36 बिरादरी को साथ लेकर चलती हैं और इन लड़कों को अपना भाई-बेटा मानकर ही उनका घर बसाना चाहती हैं।

अनपढ़ से 10वीं पास तक का सफर: बिमला चौधरी का अनूठा प्रोफाइल

बिमला चौधरी केवल अपने बयानों के लिए ही नहीं, बल्कि अपने व्यक्तिगत और राजनीतिक संघर्ष के लिए भी हरियाणा भाजपा का एक बेहद दिलचस्प चेहरा मानी जाती हैं। वह पटौदी (अनुसूचित जाति सुरक्षित) सीट से दूसरी बार कमल खिलाकर विधानसभा पहुंची हैं। साल 2014 में जब वह पहली बार विधायक चुनी गई थीं, तब उन्होंने अपने चुनावी हलफनामे में अपनी शैक्षणिक योग्यता ‘अनपढ़’ घोषित की थी। इसके बाद 2019 में पार्टी ने उनका टिकट काट दिया था, लेकिन उन्होंने जमीन पर काम करना बंद नहीं किया। इस दौरान उन्होंने अपनी पढ़ाई पर भी ध्यान दिया। साल 2024 के विधानसभा चुनाव में जब वह पांच साल बाद दोबारा मैदान में उतरीं, तो उनके चुनावी हलफनामे ने सबको हैरान कर दिया; बिमला चौधरी अब औपचारिक रूप से 10वीं पास हो चुकी थीं। शिक्षा के प्रति उनका यह जज्बा और जनता के बीच उनका यह देसी अंदाज ही उन्हें आज हरियाणा की राजनीति में सबसे जुदा बनाता है।

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