हरियाणा। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) की 12वीं कक्षा की परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए बोर्ड प्रशासन पूरी तरह ‘एक्शन मोड’ में नजर आ रहा है। शनिवार को आयोजित संगीत (सभी विकल्प) और बिजनेस स्टडीज (व्यवसाय अध्ययन) की परीक्षा के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों में फ्लाइंग स्क्वाड की छापेमारी से हड़कंप मच गया। बोर्ड अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार ने स्वयं कमान संभालते हुए नारनौल के केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान प्रदेशभर में कुल 17 नकल के मामले दर्ज किए गए, जिनमें सबसे ज्यादा मामले रोहतक और भिवानी से सामने आए हैं।
खुद मैदान में उतरे बोर्ड अध्यक्ष, नारनौल में पकड़े केस
परीक्षा की शुचिता को बनाए रखने के लिए बोर्ड अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार ने शनिवार को नारनौल क्षेत्र के कई केंद्रों पर दबिश दी। ‘आदर्श उच्च विद्यालय नारनौल-3’ केंद्र पर सघन तलाशी के दौरान दो छात्र नकल सामग्री के साथ पकड़े गए, जिन पर तुरंत केस दर्ज किया गया। अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि बोर्ड का लक्ष्य परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाना है और किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार को राज्य के 1070 केंद्रों पर कुल 35,707 परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिया।
रोहतक में सख्त कार्रवाई: अनुपस्थित सुपरवाइजर पदमुक्त
सिर्फ छात्रों पर ही नहीं, बल्कि ड्यूटी में ढिलाई बरतने वाले स्टाफ पर भी बोर्ड की पैनी नजर है। बोर्ड के विशेष आरएएफ (RAF) उड़नदस्ते ने रोहतक के सिंहपुरा खुर्द स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (रावमावि) का निरीक्षण किया। यहां अंग्रेजी की प्रवक्ता और पर्यवेक्षक (सुपरवाइजर) शीला छिल्लर अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित पाई गईं। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए बोर्ड अध्यक्ष के निर्देश पर उन्हें तुरंत प्रभाव से कार्यभार मुक्त (रिलीव) कर दिया गया।
सिंहपुरा सुंदरपुर बना ‘हॉटस्पॉट’, 13 छात्र धरे गए
नकल के मामलों में रोहतक का ‘आदर्श गुरुकुल वमावि सिंहपुरा सुंदरपुर’ सबसे ज्यादा सुर्खियों में रहा। यहां फ्लाइंग टीम ने छापेमारी की तो पाया कि संगीत विषय के 11 और बिजनेस स्टडीज के 2 छात्र धड़ल्ले से नकल सामग्री का इस्तेमाल कर रहे थे। इन सभी 13 परीक्षार्थियों के खिलाफ यूएमसी (UMC) केस दर्ज किया गया है। इसके अलावा, पलवल के हथीन में एसडीएम के उड़नदस्ते ने भी दो नकलची छात्रों को दबोचा। बोर्ड अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि आने वाली परीक्षाओं में चेकिंग और भी सख्त की जाएगी, ताकि मेधावी छात्रों के हक पर कोई डाका न डाल सके।

