Haryana breed bull Gaurav: हरियाणा के झज्जर जिले में पशुपालन का एक अनूठा और दिलचस्प मामला इन दिनों खासा सुर्खियों में है। यहां के प्रगतिशील किसान मामन सिंह का पांच वर्षीय हरियाणा नस्ल का नंदी ‘गौरव’ अपनी भव्य कद-काठी और भारी-भरकम कीमत के चलते हर किसी की जुबान पर है। करीब छह फुट ऊंचे इस नंदी की शान कुछ ऐसी है कि देश भर के पशुपालक इसे खरीदने के लिए मुंहमांगी कीमत चुकाने को तैयार हैं। गौरव के लिए अब तक बाजार में 11 लाख रुपये से लेकर एक करोड़ रुपये तक की भारी-भरकम बोलियां लग चुकी हैं। इसके बावजूद किसान मामन सिंह ने अपने इस अनमोल पशुधन को किसी भी कीमत पर बेचने से साफ इनकार कर दिया है।
प्रतियोगिताओं का विजेता और अनूठी परवरिश
मामन सिंह के मुताबिक, गौरव केवल अपनी कद-काठी की वजह से ही नहीं, बल्कि अपनी प्रतिभा के दम पर भी खास है। यह नंदी अब तक विभिन्न पशु प्रतियोगिताओं में पांच बार विजेता का खिताब अपने नाम कर चुका है। गौरव की इस शानदार बनावट के पीछे उसकी मां की विशेषता और उसकी खास परवरिश का बड़ा हाथ है।
मामन सिंह गर्व से बताते हैं कि गौरव की मां प्रतिदिन करीब 22 लीटर दूध देती थी। इस नस्ल के बेहतरीन गुणों को आगे बढ़ाते हुए मामन सिंह गौरव की डाइट पर विशेष ध्यान देते हैं। उसे सामान्य चारे के साथ-साथ रोजाना घी, बादाम, हलवा और चने जैसी ताकतवर चीजें खिलाई जाती हैं। इस शाही खानपान और देखरेख के चलते उसकी रोजमर्रा की लागत पर 1200 से 1500 रुपये तक खर्च होते हैं।
अब दो महीने की बेटी सुरभि ने खींचा सबका ध्यान
गौरव की सफलता और उसकी नस्ल का असर अब उसकी अगली पीढ़ी पर भी साफ दिखाई देने लगा है। गौरव की महज दो महीने की बेटी ‘सुरभि’ भी इलाके में लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गई है। छोटी सी उम्र में ही सुरभि को लेकर पशुपालकों में ऐसी दीवानगी है कि उसका भाव भी ढाई लाख रुपये तक लग चुका है।
मामन सिंह के लिए यह बात सिर्फ मुनाफे की नहीं, बल्कि उनके समर्पण और कड़ी मेहनत का सिला है। परिवार के सदस्यों का कहना है कि वे गौरव और सुरभि को व्यापारिक वस्तु नहीं बल्कि अपने परिवार के हिस्से की तरह मानते हैं। यही वजह है कि एक करोड़ रुपये का भारी ऑफर ठुकराकर मामन सिंह ने यह साबित कर दिया है कि उनके लिए पशुओं से जुड़ाव और स्नेह धन-दौलत से कहीं ज्यादा कीमती है।

