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Haryana Census 2027 Guidelines: हरियाणा जनगणना: भूलकर भी न बताएं बैंक खाता और ओटीपी, प्रगणक पूछेंगे सिर्फ ये 33 सवाल

AAmandeep Singh
हरियाणा जनगणना: भूलकर भी न बताएं बैंक खाता और ओटीपी, प्रगणक पूछेंगे सिर्फ ये 33 सवाल
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हरियाणा। हरियाणा में 1 मई से राष्ट्रीय जनगणना का काम पूरी तेजी से चल रहा है। इस प्रशासनिक कवायद के बीच जालसाजों और साइबर ठगों के सक्रिय होने का खतरा भी बढ़ गया है। इसी को भांपते हुए जनगणना विभाग ने प्रदेश के नागरिकों को विशेष रूप से सचेत रहने को कहा है। विभाग ने सार्वजनिक तौर पर स्पष्ट किया है कि फील्ड में तैनात कोई भी प्रगणक (इन्वेस्टिगेटर) नागरिकों से उनके बैंक खातों से जुड़ी जानकारियां, क्रेडिट-डेबिट कार्ड का नंबर, गोपनीय ओटीपी या फिर पैन और [Aadhaar Redacted] जैसी संवेदनशील आईडी की मांग नहीं करेगा।

पहले चेक करें आईडी कार्ड, फिर दें घर की जानकारी

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प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जब भी कोई कर्मचारी आपके दरवाजे पर दस्तक दे, तो सबसे पहले उससे उसका आधिकारिक पहचान पत्र (ID Card) दिखाने को कहें। पहचान की पुष्टि होने के बाद ही उसे अपने परिवार का ब्योरा दें। फिलहाल चल रहा यह डोर-टू-डोर सर्वे आगामी 30 मई तक पूरा किया जाना है। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया में आम जनता का सहयोग बेहद जरूरी है ताकि देश के विकास का खाका तैयार करने के लिए बिल्कुल सटीक और नए आंकड़े जुटाए जा सकें।

33 सवालों में छुपा है आपके मकान और सुविधाओं का ब्योरा

इस बार की जनगणना में मुख्य रूप से आपके रहन-सहन और मकान की स्थिति से जुड़े कुल 33 सवाल पूछे जा रहे हैं। इसमें प्रगणक आपके भवन का नंबर, मकान नंबर, घर में कितनी मंजिलें हैं, फर्श किस चीज का बना है, और छत व दीवारों को बनाने में किस सामग्री (जैसे सीमेंट, ईंट या कंक्रीट) का इस्तेमाल हुआ है, जैसी बुनियादी जानकारियां दर्ज करेंगे। विभाग ने भरोसा दिलाया है कि आपके द्वारा दी गई यह तमाम जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाएंगी। इन्हें किसी भी निजी या सरकारी संस्था के साथ साझा नहीं किया जाएगा।

जानकारी छिपाने या गलत बताने पर होगी जेल

सरकार के प्रवक्ता ने कड़े लहजे में हिदायत दी है कि जनगणना के काम में लगे अधिकारियों को गुमराह करना, गलत आंकड़े देना या उनके साथ बदसलूकी करना जनगणना अधिनियम के तहत एक दंडनीय अपराध है। ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनी मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा सकती है। अगर नागरिकों को मकान पंजीकरण या आवास जनगणना से जुड़ा कोई भी संदेह है, तो वे सीधे राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1855 पर कॉल कर सकते हैं। इस हेल्पलाइन पर अपनी स्थानीय भाषा में हर सवाल का जवाब पाने की सुविधा दी गई है।

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