Haryana Chirayu Scheme: हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने प्रदेशवासियों को बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने ‘चिरायु आयुष्मान भारत योजना’ के विस्तार की आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि अब राज्य का हर वर्ग इस योजना से जुड़ सकेगा।
अब तक केवल कम आय वाले परिवारों तक सीमित इस योजना का दायरा बढ़ाते हुए सरकार ने 1.80 लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले परिवारों को भी इसमें शामिल कर लिया है। अब ऐसे परिवार भी नाममात्र का वार्षिक प्रीमियम भरकर इस महत्वाकांक्षी योजना का फायदा उठा सकेंगे।
परिवार पहचान-पत्र से तय होगी पात्रता, आय के हिसाब से देना होगा इतना प्रीमियम
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव (Aarti Singh Rao Health Minister) के मुताबिक, आवेदकों की पात्रता परिवार पहचान-पत्र (Family ID Haryana PPP) में दर्ज सत्यापित वार्षिक आय के आधार पर तय की जाएगी। सरकार ने आय के हिसाब से तीन अलग-अलग प्रीमियम स्लैब तय किए हैं। जिन परिवारों की वार्षिक आय 1.80 लाख से 3 लाख रुपये के बीच है, उन्हें महज 1500 रुपये का वार्षिक योगदान देना होगा। वहीं, 3 से 6 लाख रुपये आय वर्ग वाले परिवारों के लिए 4000 रुपये और 6 लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले परिवारों के लिए 5000 रुपये का वार्षिक प्रीमियम निर्धारित किया गया है।
30 नवंबर 2026 तक खुला रहेगा पोर्टल, 1307 अस्पतालों में मिलेगी सुविधा
योजना के तहत नए कार्ड बनवाने और प्रीमियम भुगतान के लिए आधिकारिक पोर्टल 30 नवंबर 2026 तक खुला रहेगा। इस चरण के तहत जारी की जाने वाली नई पॉलिसी की (Chirayu Scheme Registration Date) वैधता 1 नवंबर 2026 से शुरू होकर 31 अक्टूबर 2027 तक रहेगी। (Ayushman Bharat Haryana) योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रदेश भर के 1307 सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का मुफ्त और पूरी तरह से कैशलेस इलाज मिलेगा। सरकार का प्रयास है कि बीमारी के वक्त किसी भी परिवार पर आर्थिक बोझ न पड़े।
अब तक 40 लाख से ज्यादा लोगों का हुआ इलाज, सरकार ने निपटाए 4617 करोड़ के क्लेम
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों को साझा करते हुए मंत्री ने बताया कि आयुष्मान भारत हरियाणा स्वास्थ्य सुरक्षा प्राधिकरण के माध्यम से अब तक प्रदेश में 1.42 करोड़ से अधिक आयुष्मान और चिरायु कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इस व्यवस्था के जरिए अब तक 40,27,391 लाभार्थी अपना सफल इलाज करा चुके हैं, जिसके बदले सरकार ने 4,617.45 करोड़ रुपये के दावों का भुगतान किया है।
1.80 लाख से 3 लाख रुपये आय वर्ग के ही 47,547 परिवार अब तक इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेश के सभी नागरिकों से तय समय सीमा के भीतर अपना पंजीकरण कराने और योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है।

