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Kuldeep Vats Congress: क्रॉस वोटिंग के जाल में फंसी हरियाणा कांग्रेस, क्या बादली विधायक वत्स थामेंगे किसी और का दामन?

AAmandeep Singh
क्रॉस वोटिंग के जाल में फंसी हरियाणा कांग्रेस, क्या बादली विधायक वत्स थामेंगे किसी और का दामन?
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हरियाणा।  चंडीगढ़ के गलियारों में कल रात से शुरू हुआ राज्यसभा चुनाव का ड्रामा अब कांग्रेस की आंतरिक कलह के रूप में बाहर आ गया है। भले ही कांग्रेस प्रत्याशी कर्मवीर सिंह बौद्ध और भाजपा के संजय भाटिया अपनी-अपनी सीटें निकालने में कामयाब रहे, लेकिन मतदान के दौरान जो ‘अदृश्य खेल’ हुआ, उसने हुड्डा कैंप की नींद उड़ा दी है। खबर है कि कांग्रेस के 5 विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की है। इस सेंधमारी ने न केवल पार्टी की एकजुटता के दावों की पोल खोल दी है, बल्कि आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले गुटबाजी को भी सतह पर ला दिया है।

कुलदीप वत्स के बागी तेवर: “चापलूसी की कद्र, वफादारी की नहीं”

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इस पूरे सियासी घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाला मोड़ झज्जर की बादली सीट से विधायक कुलदीप वत्स का बयान रहा। क्रॉस वोटिंग की लिस्ट में अपना नाम उछाले जाने से आगबबूला वत्स ने पार्टी लीडरशिप पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने दो टूक कहा कि कांग्रेस में अब केवल भ्रष्ट और चापलूस लोगों की ही सुनवाई हो रही है। वत्स ने भावुक होते हुए कहा, “मैं पार्टी का निष्ठावान सिपाही रहा हूँ, लेकिन वर्तमान हालात से मेरी आत्मा दुखी है।” जब उनसे पूछा गया कि क्या वे कांग्रेस छोड़ रहे हैं, तो उन्होंने सस्पेंस बरकरार रखते हुए सिर्फ इतना कहा कि “आने वाला वक्त सब बता देगा।” हालांकि, भूपेंद्र हुड्डा ने वत्स का बचाव करते हुए उन्हें क्लीन चिट देने की कोशिश की है, पर चिंगारी सुलग चुकी है।

इस्तीफों की झड़ी और हुड्डा के गंभीर आरोप

पार्टी के भीतर केवल जुबानी जंग ही नहीं, बल्कि संगठनात्मक ढांचा भी चरमराता दिख रहा है। कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष रामकिशन गुर्जर ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है, जिसके बाद उनकी पत्नी और नारायणगढ़ की विधायक शैली चौधरी के भी पार्टी छोड़ने की अटकलें तेज हैं। दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हार का ठीकरा चुनाव आयोग और रिटर्निंग ऑफिसर पर फोड़ा है। हुड्डा का आरोप है कि सरकार के दबाव में नियमों की अनदेखी की गई और वोटों को जानबूझकर रद्द करवाया गया। लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हुड्डा के लिए बाहरी लड़ाई से ज्यादा मुश्किल अब घर के भीतर मची इस बगावत को शांत करना होगा।

क्या हरियाणा कांग्रेस में होगा बड़ा फेरबदल?

राज्यसभा चुनाव के इस ‘ट्रेलर’ ने यह साफ कर दिया है कि कांग्रेस के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है। 5 विधायकों की क्रॉस वोटिंग कोई छोटी घटना नहीं है; यह सीधे तौर पर नेतृत्व को दी गई चुनौती है। कुलदीप वत्स जैसे कद्दावर नेताओं का सार्वजनिक रूप से नाराजगी जाहिर करना बताता है कि पार्टी के पुराने और जमीनी कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। यदि हाईकमान ने जल्द ही इन बागियों को नहीं मनाया, तो आने वाले दिनों में हरियाणा कांग्रेस में इस्तीफों की एक लंबी फेहरिस्त देखने को मिल सकती है, जिसका सीधा फायदा सत्ताधारी भाजपा को मिलना तय है।

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