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Haryana Rajya Sabha Election: हरियाणा कांग्रेस में बवाल: क्रॉस वोटिंग पर 2 विधायकों ने दी सफाई, कहा- "हम गद्दार नहीं, सच्चे सिपाही हैं"

AAmandeep Singh
हरियाणा कांग्रेस में बवाल: क्रॉस वोटिंग पर 2 विधायकों ने दी सफाई, कहा- "हम गद्दार नहीं, सच्चे सिपाही हैं"
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हरियाणा। राज्यसभा चुनाव की बिसात बिछने और नतीजे आने के बाद भी हरियाणा कांग्रेस में सब कुछ ‘ऑल इज वेल’ नहीं है। चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग ने पार्टी की जीत के स्वाद को थोड़ा फीका कर दिया है। अनुशासनहीनता के घेरे में आए पांच विधायकों को पार्टी ने कारण बताओ (शोकॉज) नोटिस जारी किया था, लेकिन खबर है कि अब तक केवल दो विधायकों ने ही अपनी सफाई पेश की है। शेष तीन विधायकों की खामोशी पार्टी नेतृत्व की पेशानी पर बल डाल रही है।

“हम सच्चे सिपाही हैं”: शैली और जरनैल का बचाव

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सूत्रों के मुताबिक, नारायणगढ़ की विधायक शैली चौधरी और रतिया के विधायक जरनैल सिंह ने नोटिस का जवाब दे दिया है। दोनों ने अपने जवाब में स्पष्ट किया है कि उन्होंने पार्टी लाइन से हटकर कोई काम नहीं किया और न ही क्रॉस वोटिंग में शामिल रहे। उन्होंने खुद को कांग्रेस का निष्ठावान कार्यकर्ता बताते हुए इन आरोपों को बेबुनियाद करार दिया है। हालांकि, पार्टी ने आधिकारिक तौर पर अभी इनके नामों की पुष्टि नहीं की है, लेकिन चर्चा है कि इनके जवाब से हाईकमान को संतुष्ट करने की कोशिश की गई है।

मोहम्मद इसराइल के तेवर और इलियास की ‘खास’ मुलाकात

एक तरफ जहां बचाव की मुद्रा है, वहीं दूसरी तरफ बगावत की बू आ रही है। हथीन से विधायक मोहम्मद इसराइल का बयान— “मैंने अपने मन की करी, अब पार्टी अपने मन की कर ले”—कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। उनके इस ‘खुले चैलेंज’ ने साफ कर दिया है कि पार्टी के भीतर अनुशासन की डोर कितनी कमजोर हो चुकी है।

वहीं, पुन्हाना विधायक मोहम्मद इलियास की टाइमिंग ने सबको चौंका दिया है। नोटिस के दौर के बीच इलियास ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पूर्व सीएम व केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की। हालांकि, उन्होंने इसे मेवात की समस्याओं और दौरे के न्योते से जुड़ी एक औपचारिक मुलाकात बताया है, लेकिन राज्यसभा चुनाव में उनके नाम की चर्चा के बाद इस मुलाकात के गहरे राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं।

क्या गिरेगा गाज?

कांग्रेस अब धर्मसंकट में है। अगर इन विधायकों पर सख्त कार्रवाई होती है, तो विधानसभा में संख्या बल का गणित प्रभावित हो सकता है और अगर ढील दी गई, तो भविष्य में अनुशासनहीनता को बढ़ावा मिलेगा। फिलहाल पार्टी हाईकमान मोहम्मद इलियास, मोहम्मद इसराइल और रेणु बाला के आधिकारिक जवाबों का इंतजार कर रहा है। आने वाले कुछ दिन हरियाणा की सियासत में ‘आया राम-गया राम’ वाली संस्कृति के नए अध्याय या फिर कांग्रेस के कड़े अनुशासन के गवाह बन सकते हैं।

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