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Jarnail Singh MLA Ratia: कांग्रेस से सस्पेंड होते ही बिफरे विधायक जरनैल सिंह: हुड्डा की 20 साल की वफादारी का मिला ये सिला

AAmandeep Singh
कांग्रेस से सस्पेंड होते ही बिफरे विधायक जरनैल सिंह: हुड्डा की 20 साल की वफादारी का मिला ये सिला
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हरियाणा। हरियाणा कांग्रेस में मचे सियासी घमासान के बीच रतिया के विधायक जरनैल सिंह ने पार्टी द्वारा की गई कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। वीरवार को राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग के आरोप में सस्पेंड किए गए पांच विधायकों में नाम आने के बाद जरनैल सिंह मीडिया के रूबरू हुए। उन्होंने सीधा हमला बोलते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ 20 साल तक कंधे से कंधा मिलाकर चलने और वफादारी निभाने का इनाम उन्हें निलंबन के रूप में मिला है। जरनैल सिंह ने स्पष्ट किया कि पार्टी हाईकमान ने यह फैसला लेने से पहले उनका पक्ष तक सुनना मुनासिब नहीं समझा।

‘रतिया में कांग्रेस को मैंने जिंदा किया’

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अपने राजनीतिक वजूद का हवाला देते हुए जरनैल सिंह ने कहा कि रतिया एक ऐसा इलाका था जहाँ कांग्रेस की जड़ें कमजोर थीं। उन्होंने दावा किया कि दिन-रात मेहनत करके उन्होंने रतिया में कांग्रेस को न केवल खड़ा किया बल्कि उसे जीत की दहलीज तक पहुँचाया। विधायक के तेवरों से साफ था कि वह खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “मुझे सस्पेंशन की जानकारी मीडिया के जरिए मिली है। जिस पार्टी के लिए खून-पसीना बहाया, उसने एक झटके में एकतरफा कार्रवाई कर दी।”

अब समर्थकों की अदालत में होगा फैसला

भविष्य की रणनीति को लेकर जरनैल सिंह ने फिलहाल अपने पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन उन्होंने बड़े बदलाव के संकेत जरूर दिए हैं। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही कांग्रेस हाईकमान से मिलकर अपना पक्ष रखेंगे, लेकिन असली फैसला रतिया की जनता और उनके वोटरों की राय के बाद ही लिया जाएगा। फतेहाबाद की राजनीति में इसे बड़े सियासी बदलाव की सुगबुगाहट माना जा रहा है। जरनैल सिंह ने साफ कहा कि लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि है और अगले कुछ दिनों में वे अपने हलके के लोगों से मशविरा कर अपनी अगली चाल तय करेंगे।

राज्यसभा की क्रॉस वोटिंग से शुरू हुई रार

बता दें कि हरियाणा की राज्यसभा सीट पर हुए हालिया चुनाव में कांग्रेस के कुछ विधायकों पर क्रॉस वोटिंग के आरोप लगे थे। पार्टी अनुशासन भंग करने के आरोप में हाईकमान ने सख्त रुख अपनाते हुए जरनैल सिंह समेत पांच विधायकों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इस कार्रवाई ने हरियाणा कांग्रेस के भीतर गुटबाजी और असंतोष को एक बार फिर सतह पर ला दिया है। अब देखना यह होगा कि जरनैल सिंह की यह नाराजगी क्या किसी नई सियासी इबारत की शुरुआत है या फिर यह केवल पार्टी के भीतर दबाव बनाने की रणनीति।

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