Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Haryana Congress Crisis: हरियाणा कांग्रेस का बड़ा एक्शन: क्रॉस वोटिंग करने वाले 5 विधायकों की बैठक में एंट्री बैन

AAmandeep Singh
हरियाणा कांग्रेस का बड़ा एक्शन: क्रॉस वोटिंग करने वाले 5 विधायकों की बैठक में एंट्री बैन
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

हरियाणा। राज्यसभा चुनाव की पिच पर अपनों की ही गुगली से क्लीन बोल्ड हुई हरियाणा कांग्रेस अब ‘सफाई अभियान’ के मूड में है। क्रॉस वोटिंग की फांस में फंसे पांच विधायकों को पार्टी ने किनारे लगा दिया है। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने दो-टूक शब्दों में फरमान सुनाया है कि जब तक पार्टी हाईकमान इन विधायकों को बेदाग करार नहीं दे देता, तब तक इन्हें विधायक दल (CLP) की किसी भी बैठक या सार्वजनिक कार्यक्रम में शिरकत करने की इजाजत नहीं होगी। इस फैसले के बाद चंडीगढ़ से लेकर दिल्ली तक कांग्रेस के भीतर खींचतान और तेज हो गई है।

“पसंद नहीं था उम्मीदवार”: इजराइल के बयानों ने बढ़ाई गर्मी

विज्ञापन

विधायकों को जारी कारण बताओ नोटिस पर जवाब देने का सिलसिला तो शुरू हो गया है, लेकिन कुछ विधायकों के तेवर अब भी तल्ख हैं। हथीन से विधायक मोहम्मद इजराइल ने तो सीधे तौर पर चुनौती देते हुए कहा कि राज्यसभा प्रत्याशी कर्मवीर बौद्ध उन्हें पसंद नहीं थे, इसलिए उन्होंने अपनी ‘अंतरात्मा’ की आवाज पर वोट दिया। उन्होंने बेबाकी से कहा कि मैंने अपने मन की कर ली है, अब पार्टी को जो ठीक लगे वो कर ले। वहीं, पुन्हाना विधायक मोहम्मद इलियास की मुख्यमंत्री नायब सैनी और फिर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के साथ वायरल हुई तस्वीरों ने कांग्रेस की बेचैनी और बढ़ा दी है।

नोटिस का जवाब: वफादारी और बगावत के बीच फंसी सियासत

साढ़ौरा की विधायक रेनू बाला ने अनुशासन समिति को भेजे अपने जवाब में खुद को पार्टी का सच्चा सिपाही बताया है। रेनू बाला ने दावा किया कि उन्होंने अपना वोट कांग्रेस उम्मीदवार को ही दिया था और वे किसी भी जांच के लिए तैयार हैं। इनसे पहले रतिया के विधायक जरनैल सिंह और नारायणगढ़ की विधायक शैली चौधरी भी आरोपों को सिरे से खारिज कर चुकी हैं। हालांकि, पार्टी के भीतर एक धड़ा इसे केवल ‘फेस सेविंग’ की कोशिश मान रहा है, क्योंकि चुनाव के नतीजों ने साफ कर दिया था कि कांग्रेस के घर में सेंधमारी बड़े स्तर पर हुई है।

पाला बदलने की तैयारी? मेवात से दिल्ली तक हलचल

सियासी गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा पुन्हाना और हथीन के विधायकों को लेकर है। मोहम्मद इलियास की बीजेपी के दिग्गज नेताओं से बढ़ती नजदीकी इस बात का संकेत दे रही है कि वे जल्द ही ‘हाथ’ का साथ छोड़ ‘कमल’ थाम सकते हैं। हालांकि, इलियास ने अभी तक इन मुलाकातों को औपचारिक बताकर चुप्पी साध रखी है। उधर, कांग्रेस हाईकमान इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रहा है कि आखिर रणनीति में चूक कहां हुई और किन चेहरों ने ऐन वक्त पर पीठ में छुरा घोंपा। पार्टी के इस सख्त रवैये से साफ है कि आने वाले दिनों में हरियाणा कांग्रेस में कुछ बड़े विकेट गिर सकते हैं।

विज्ञापन

राजनीति की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।