Haryana Dhan Kharid: हरियाणा में धान और बाजरा खरीद के सीजन को लेकर प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह सक्रिय नजर आ रही है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेश नागर ने हाल ही में प्रदेश में चल रही खरीद प्रक्रिया, अनाज के उठान, गोदामों में भंडारण और किसानों को फसल के भुगतान की अद्यतन स्थिति की उच्च स्तरीय समीक्षा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस मैराथन बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्हें मंत्री ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि खरीद व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान आंकड़ों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि 12 अक्टूबर तक राज्य की विभिन्न मंडियों में कुल 18.06 लाख मीट्रिक टन धान की आवक दर्ज की जा चुकी है। इसमें से सरकारी एजेंसियों द्वारा 11.90 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है, जबकि लगभग 4.88 लाख मीट्रिक टन धान का मंडियों से सुरक्षित उठान भी कराया जा चुका है। मंत्री ने उठान की गति को और तेज करने के निर्देश दिए ताकि मंडियों में अनावश्यक भीड़ और जाम की स्थिति न बने।
किसानों के खातों में पहुंचे 758 करोड़ रुपये, भुगतान प्रक्रिया पर जोर
सरकार की प्राथमिकता किसानों की मेहनत का एक-एक पाई समय पर चुकाना है। समीक्षा बैठक में जानकारी दी गई कि अब तक राज्य के 48,152 किसानों को उनकी फसल के एवज में लगभग 758 करोड़ रुपये का सीधा भुगतान किया जा चुका है। इस पर संतोष जताते हुए मंत्री राजेश नागर ने स्पष्ट किया कि अन्नदाता को अपनी फसल बेचने के बाद पैसे के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, यह सुनिश्चित करना अधिकारियों की मुख्य जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि पोर्टल और बैंक से जुड़ी प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी और तेज रखा जाए।
सरकारी एजेंसियों के साथ-साथ निजी व्यापारियों ने भी बाजार में सक्रिय भागीदारी दिखाई है। आंकड़ों के मुताबिक, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने सबसे आगे रहते हुए 7.02 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की है। वहीं, हैफेड ने 3.50 लाख मीट्रिक टन और हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन ने 1.38 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा है। इसके अलावा खुले बाजार में निजी व्यापारियों ने भी रुचि दिखाई है, जिनके द्वारा खरीदे गए धान का औसत भाव 2,466 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया, जो न्यूनतम समर्थन मूल्य से कुछ अधिक है।
मौसम के बदले मिजाज को लेकर प्रशासन अलर्ट, दिए गए सुरक्षा के निर्देश
हाल के दिनों में मौसम में आए बदलाव और हल्की बूंदाबांदी को लेकर मंत्री ने विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को आगाह किया कि मंडियों में खुले आसमान के नीचे रखे धान को बारिश और नमी से बचाने के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। इसके लिए पर्याप्त मात्रा में तिरपाल की व्यवस्था करने और सुरक्षित भंडारण केंद्रों तक समय पर अनाज पहुंचाने के आदेश दिए गए हैं।
बैठक के अंत में कड़ा संदेश देते हुए मंत्री ने दोहराया कि किसान दिन-रात खून-पसीना एक करके फसल उगाता है, इसलिए उसकी फसल का एक-एक दाना खरीदना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मंडियों में लगातार निगरानी रखी जा रही है और यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार की शिकायत मिली, तो संबंधित अधिकारियों पर तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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