Haryana dowry case: भिवानी जिले के एक गांव की रहने वाली बेटी के साथ हिसार के धर्मखेड़ी गांव में दहेज के नाम पर अमानवीय अत्याचार का मामला सामने आया है। पीड़िता पूनम ने अपने पति—जो खुद हरियाणा पुलिस में सिपाही के पद पर तैनात है—और उसके परिवार वालों पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं।
आरोप है कि जैसे ही पति का चयन पुलिस विभाग में हुआ, उसके बाद से ही ससुराल पक्ष के तेवर पूरी तरह बदल गए। क्रेटा गाड़ी और सोने-चांदी के गहनों की मांग पूरी न होने पर युवती को कई दिनों तक कमरे में कैद कर बेतहाशा पीटा गया और बाद में घर से बाहर खदेड़ दिया गया। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी सिपाही पति समेत ससुराल पक्ष के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है।
पुलिस में चयन होते ही बढ़ने लगीं मांगें
पीड़िता पूनम ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उसकी शादी धर्मखेड़ी निवासी युवक के साथ हुई थी। दिसंबर 2025 में जब उसके पति की नियुक्ति हरियाणा पुलिस में बतौर सिपाही हुई, तो उसके बाद से ही उस पर जुल्मों का दौर शुरू हो गया। खाकी की धौंस में ससुराल वाले पूनम को घर में कैद करके प्रताड़ित करने लगे।
उसे कई-कई दिनों तक एक कमरे में बंद रखा जाता और दो-तीन दिन तक खाने को एक निवाला तक नहीं दिया जाता था। ससुराल पक्ष की मांग थी कि मायके से उनके लिए सोने की चेन, अंगूठियां और एक क्रेटा गाड़ी लाकर दी जाए। मना करने पर उसके साथ इतनी बुरी तरह मारपीट की गई कि उसकी तबीयत बिगड़ने लगी, लेकिन उसका इलाज तक नहीं कराया गया।
पंचायत के आश्वासन के बाद भी नहीं सुधरे हालात
जब मामला हद से गुजर गया तो पीड़िता के परिजनों ने मायके लाकर उसका इलाज कराया। करीब 6 महीने पहले दोनों पक्षों के बीच एक सामाजिक पंचायत बुलाई गई, जिसमें ससुराल पक्ष ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए भविष्य में पूनम को ठीक से रखने का भरोसा दिलाया। हालांकि, यह आश्वासन ज्यादा दिन नहीं टिका।
कुछ दिन शांत रहने के बाद ससुराल वालों ने फिर से ताने मारने और मारपीट करने का सिलसिला शुरू कर दिया। जुलाई महीने में 3 से 5 तारीख के बीच पूनम को लगातार तीन दिनों तक बंद कमरे में पीटा गया और जान से मारने की धमकियां दी गईं।
पड़ोसियों की सूचना पर पहुंचे पिता से भी अभद्रता
लगातार तीन दिनों तक चल रही इस हैवानियत को देखकर जब पड़ोसियों से रहा न गया, तो उन्होंने चुपके से पूनम के मायके में फोन कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पूनम के पिता अपनी बेटी को बचाने धर्मखेड़ी पहुंचे।
आरोप है कि सिपाही पति और उसके परिजनों ने पीड़िता के पिता के साथ भी सख्त अभद्रता की और खाकी का रौब दिखाते हुए दोनों को धक्के मारकर घर से बाहर निकाल दिया। जाते-जाते उन्होंने यह धमकी भी दी कि उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता क्योंकि वह खुद हरियाणा पुलिस का हिस्सा है। फिलहाल, जीआरपी और स्थानीय पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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