Haryana electricity strike: हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से कई जिलों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को बिजली सप्लाई का लाइसेंस देने के विरोध में कर्मचारी हड़ताल पर हैं। पहले दिन 15 जिलों में इसका असर देखने को मिला। बिजली आपूर्ति में बाधा से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हड़ताल के बीच ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कर्मचारियों से बातचीत की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि कर्मचारी हड़ताल खत्म कर ड्यूटी पर लौटें। सरकार सभी विकल्पों पर चर्चा करने के लिए तैयार है। इसमें इलेक्ट्रिसिटी एक्ट, 2003 की धारा 108 के तहत कार्रवाई का विकल्प भी शामिल है। विज के इस संदेश के बाद बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने बातचीत के लिए सहमति दे दी। मोर्चा के महासचिव रविंद्र घनघस के मुताबिक, मंत्री की ओर से बातचीत का निमंत्रण मिला है और दोपहर 3 बजे पंचकूला रेस्ट हाउस में बैठक प्रस्तावित है।
धारा 108 के इस्तेमाल पर टिकी बातचीत
मंत्री अनिल विज ने कहा कि वह हड़ताल के पहले दिन से ही कर्मचारियों से बातचीत करने की अपील कर रहे हैं। उनका कहना है कि हड़ताल समस्या का समाधान नहीं है और कर्मचारियों को बातचीत की मेज पर आकर अपनी मांगें रखनी चाहिए। सरकार उनके सुझाए विकल्पों पर भी विचार करने को तैयार है। विज के मुताबिक, कर्मचारियों की ओर से गुरुवार को मांग रखी गई थी कि सरकार इलेक्ट्रिसिटी एक्ट, 2003 की धारा 108 का इस्तेमाल कर निजी कंपनी को लाइसेंस देने से जुड़े आदेश को खारिज करे। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से भी बात की गई है और सरकार धारा 108 के इस्तेमाल के विकल्प पर चर्चा के लिए तैयार है।
संयुक्त संघर्ष मोर्चा के महासचिव रविंद्र घनघस का कहना है कि धारा 108 के तहत सरकार अपनी शक्तियों का इस्तेमाल कर निजी कंपनी के लाइसेंस को रद्द कर सकती है। उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री की सहमति को भी अहम बताया। हालांकि, लाइसेंस को लेकर सरकार क्या फैसला लेगी, यह बातचीत और आगे की कार्रवाई पर निर्भर करेगा।
15 जिलों में बिजली आपूर्ति प्रभावित, कई सेवाओं पर असर
हड़ताल के पहले दिन बिजली नेटवर्क में बड़े स्तर पर बाधाएं सामने आईं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 33 केवी के 118 और 11 केवी के 510 से अधिक फीडरों में ब्रेकडाउन हुआ। शुक्रवार को हड़ताल के दूसरे दिन भी बिजली आपूर्ति को लेकर परेशानी बनी रहने की सूचना है। हिसार के पॉश इलाकों में 24 घंटे से बिजली गुल रहने की बात सामने आई है। झज्जर में बिजली संकट के चलते सीएनजी पेट्रोल पंप बंद करने पड़े। इससे वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को परेशानी हुई। बिजली आपूर्ति बाधित रहने का असर पानी की उपलब्धता पर भी पड़ने की आशंका बनी हुई है। कुरुक्षेत्र और कैथल में बार एसोसिएशन ने भी स्थिति को देखते हुए कोर्ट का काम स्थगित रखने का फैसला किया। इस तरह कर्मचारियों की हड़ताल का असर केवल घरेलू बिजली आपूर्ति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि व्यावसायिक गतिविधियों और अन्य सेवाओं पर भी पड़ा।
बातचीत से हड़ताल खत्म होने की उम्मीद
मंत्री अनिल विज ने उम्मीद जताई कि बातचीत से विवाद का समाधान निकल सकता है और कर्मचारी जल्द काम पर लौट सकते हैं। वहीं, संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने बैठक में शामिल होने की सहमति देकर बातचीत का रास्ता खोल दिया है। अब बैठक में निजी कंपनी को दिए गए लाइसेंस, धारा 108 के इस्तेमाल और कर्मचारियों की मांगों पर चर्चा होने की उम्मीद है। हड़ताल खत्म करने और बिजली आपूर्ति सामान्य करने को लेकर सरकार तथा कर्मचारी संगठनों के बीच क्या सहमति बनती है, इस पर लोगों की नजर रहेगी।

