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Anil Vij News: हरियाणा में अघोषित बिजली कट पर अनिल विज का चाबुक, अब 2 घंटे से ज्यादा कटी बिजली तो नपेंगे अधिकारी

AAmandeep Singh
हरियाणा में अघोषित बिजली कट पर अनिल विज का चाबुक, अब 2 घंटे से ज्यादा कटी बिजली तो नपेंगे अधिकारी
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हरियाणा। अपनी कार्यशैली के लिए मशहूर हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज एक बार फिर अपने पुराने तेवर में नजर आ रहे हैं। इस बार उनके निशाने पर बिजली विभाग के वे अधिकारी हैं, जिनकी लापरवाही की वजह से जनता को अघोषित बिजली कटौती का सामना करना पड़ता है। विज ने विभाग के आला अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि अब राज्य के शहरी क्षेत्रों में 2 घंटे और ग्रामीण इलाकों में 4 घंटे से अधिक का पावर कट किसी भी सूरत में नहीं होना चाहिए। मंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि कटौती इस सीमा से बाहर गई, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

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ऊर्जा मंत्री ने केवल निर्देश ही नहीं दिए, बल्कि कड़ी कार्रवाई का खाका भी खींच दिया है। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय से ज्यादा कट लगने पर संबंधित अधीक्षण अभियंता (Superintending Engineer) के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। विज ने दो टूक शब्दों में कहा कि गंभीर लापरवाही के मामलों में अधिकारियों को सस्पेंड करने से भी गुरेज नहीं किया जाएगा। उन्होंने विभाग को आदेश दिया कि बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए ट्रांसफार्मर के प्रतिस्थापन और मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर होना चाहिए, ताकि तकनीकी खराबी के नाम पर घंटों बिजली गुल न रहे।

मेंटेनेंस स्टाफ को ‘फुलप्रूफ’ तैयारी के निर्देश

अक्सर देखा जाता है कि शिकायत के बावजूद मेंटेनेंस स्टाफ संसाधनों की कमी का रोना रोता है। इसे देखते हुए अनिल विज ने निर्देश दिए हैं कि सभी सब-स्टेशनों और मेंटेनेंस यूनिट्स के पास ट्रांसफार्मर ट्रॉली, सुरक्षा उपकरण और जरूरी सामान हर वक्त मौजूद होना चाहिए। उनका मानना है कि यदि स्टाफ के पास संसाधन होंगे, तो किसी भी तकनीकी फाल्ट को कम से कम समय में ठीक किया जा सकेगा। मंत्री ने जोर दिया कि जनता को निर्बाध बिजली देना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें कोई भी बहानेबाजी स्वीकार नहीं की जाएगी।

भविष्य की योजना: जलभराव से बचाए जाएंगे सब-स्टेशन

सिर्फ वर्तमान की समस्याओं ही नहीं, बल्कि भविष्य की चुनौतियों को लेकर भी ऊर्जा मंत्री ने विजन साफ किया है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि आने वाले समय में जो भी बिजली सब-स्टेशन बनाए जाएं, उन्हें जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखा जाए। यदि मजबूरीवश ऐसे इलाके में स्टेशन बनाना भी पड़े, तो उसका आधार संभावित जलस्तर से कम से कम 2 फुट ऊंचा होना चाहिए। इसके लिए संबंधित विभाग से एनओसी लेना अनिवार्य होगा। विज का यह कदम मानसून के दौरान बिजली बुनियादी ढांचे को होने वाले नुकसान और उससे पैदा होने वाले संकट को रोकने के लिए अहम माना जा रहा है।

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