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Haryana Farmer Compensation: हरियाणा के बागवानी किसानों की चांदी: अब फल-सब्जी खराब होने पर मिलेगा ₹50,000 प्रति एकड़ मुआवजा

AAmandeep Singh
हरियाणा के बागवानी किसानों की चांदी: अब फल-सब्जी खराब होने पर मिलेगा ₹50,000 प्रति एकड़ मुआवजा
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हरियाणा। चंडीगढ़ के गलियारों से हरियाणा के अन्नदाताओं के लिए एक सुखद खबर आई है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने वीरवार को विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिवों के साथ बजट घोषणाओं की समीक्षा करते हुए किसानों को बड़ा तोहफा दिया है। प्रदेश सरकार ने खेती-किसानी को जोखिम मुक्त बनाने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए बागवानी फसलों के मुआवजे में 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की सीधी बढ़ोतरी कर दी है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में अब बागवानी करने वाले किसान खुद को अकेला नहीं पाएंगे, सरकार उनके आर्थिक नुकसान की भरपाई पहले से कहीं ज्यादा मजबूती के साथ करेगी।

बजट की घोषणाएं अब पहुंचेंगी ग्राम सभाओं तक

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समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में अधिकारियों को निर्देश दिए कि बजट में की गई जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी फाइलों तक सीमित न रहे। उन्होंने आदेश दिया कि इन घोषणाओं की चर्चा गांव-गांव में होने वाली ग्राम सभाओं में की जाए और वहां से बाकायदा प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को रिपोर्ट भेजी जाए। सरकार का लक्ष्य है कि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को यह पता हो कि उसके कल्याण के लिए कौन सी योजना चल रही है। बैठक में ऊर्जा, स्वास्थ्य, राजस्व और कृषि जैसे महत्वपूर्ण विभागों के सचिवों की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि सरकार अब धरातल पर काम दिखाने के मूड में है।

प्रीमियम का बोझ सरकार पर, मुनाफे की गारंटी किसान को

बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश में चल रही ‘मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना’ अब काफी व्यापक हो चुकी है। इस योजना के दायरे में अब 46 प्रकार के फल, सब्जियां और मसालों की फसलों को शामिल कर लिया गया है। खास बात यह है कि इस बीमा का कुल 97.5 प्रतिशत प्रीमियम राज्य सरकार खुद वहन करती है, जबकि किसानों को अपने हिस्से के तौर पर मात्र 2.5 प्रतिशत प्रीमियम ही देना होता है। यह योजना उन छोटे और मध्यम किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जिनकी फसलें अक्सर बेमौसम बारिश या ओलावृष्टि की भेंट चढ़ जाती थीं।

FPO के जरिए बढ़ेगी आय: पीएम मोदी की परिकल्पना पर जोर

किसानों की आय दोगुनी करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को दोहराते हुए सीएम सैनी ने किसान उत्पादक संगठनों (FPO) की मजबूती पर बल दिया। उन्होंने घोषणा की कि वे स्वयं प्रदेश के सभी 775 FPO की बैठक में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब किसान समूह के रूप में संगठित होकर काम करेंगे, तभी उन्हें अपनी उपज का सही मोल मिलेगा और बिचौलियों का दखल खत्म होगा। केंद्र सरकार के 10 हजार FPO स्थापित करने के लक्ष्य के तहत हरियाणा को मिले 172 नए संगठनों के काम में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि प्रदेश का किसान उद्यमी बन सके।

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