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Haryana Tubewell Connection: हरियाणा के किसानों के लिए बड़ी राहत! अब 45 दिन में मिलेगी बोरवेल की परमिशन

AAmandeep Singh
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हरियाणा। हरियाणा के किसानों को अब अपने खेतों में सिंचाई के लिए ट्यूबवेल लगाने की खातिर दफ्तरों के चक्कर काटने और लालफीताशाही से जूझने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हरियाणा जल संसाधन (संरक्षण, विनियमन और प्रबंधन) प्राधिकरण ने भू-जल निकालने के लिए दी जाने वाली अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) और अनुमति की पूरी प्रक्रिया को ‘सेवा का अधिकार अधिनियम’ (Right to Service Act) के तहत अधिसूचित कर दिया है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से जारी ताजा निर्देशों के मुताबिक, अब आवेदन करने के अधिकतम 45 दिनों के भीतर किसानों को बोरवेल लगाने की कानूनी परमिशन हर हाल में दे दी जाएगी।

तय समय में फाइल नहीं बढ़ी, तो अफसरों पर कसेगा कानूनी शिकंजा

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सरकार ने इस पूरी व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय कर दी है। मुख्य तकनीकी अधिकारी को इस काम के लिए ‘पदाभिहित अधिकारी’ बनाया गया है, जो 45 दिनों की मियाद के भीतर एनओसी जारी करना सुनिश्चित करेंगे। अगर किन्हीं कारणों से तय समय में किसान को परमिशन नहीं मिलती है, तो वह प्रथम शिकायत निवारण प्राधिकारी के तौर पर मुख्य जल विज्ञानी (Chief Hydrologist) के पास अपील कर सकेंगे। यदि वहां भी मसला हल नहीं होता, तो द्वितीय प्राधिकारी के रूप में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को मामले का निपटारा करना होगा।

बिजली निगमों ने कसी कमर, 6 महीने में दौड़ने लगेगी बिजली

इस प्रशासनिक सुधार के साथ ही प्रदेश के हजारों किसानों का खेतों में बिजली का ट्यूबवेल दौड़ने का इंतजार भी खत्म होने जा रहा है। जिन किसानों ने 31 दिसंबर 2023 तक ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए आवेदन किया था और मांग नोटिस (डिमांड ड्राफ्ट) की पूरी लागत राशि सरकारी खजाने में जमा करा दी थी, उन्हें अगले 6 महीने के भीतर नए बिजली कनेक्शन जारी कर दिए जाएंगे। बिजली विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इसमें उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) के 4,241 किसान और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के 9,119 किसान शामिल हैं, जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर कनेक्शन बांटे जा रहे हैं।

कम हॉर्स पावर वालों को सोलर पंप, 43 हजार से ज्यादा आवेदन अभी कतार में

खेती में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की नीति के तहत सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों ने 10 बीएचपी (BHP) तक की क्षमता के ट्यूबवेल के लिए आवेदन किया है, उन्हें बिजली के पारंपरिक कनेक्शन के स्थान पर ऑफ-ग्रिड सोलर पंप मुहैया कराए जा रहे हैं। इससे किसानों का बिजली बिल का खर्च भी बचेगा। हालांकि, सरकार के सामने अभी पेंडिंग आवेदनों की एक लंबी फेहरिस्त भी मौजूद है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, 1 जनवरी 2024 से लेकर 31 जनवरी 2026 के बीच आवेदन करने वाले करीब 43 हजार 527 किसानों के ट्यूबवेल कनेक्शन अभी भी कतार में हैं, जिन पर आने वाले चरणों में काम शुरू किया जाएगा।

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