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Haryana Flood Mock Drill: हरियाणा में बाढ़ का 'ट्रायल': पलवल में मुस्तैदी तो फतेहाबाद में खुली व्यवस्था की पोल

AAmandeep Singh
हरियाणा में बाढ़ का 'ट्रायल': पलवल में मुस्तैदी तो फतेहाबाद में खुली व्यवस्था की पोल
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हरियाणा। हरियाणा में भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थितियों से निपटने के लिए आज प्रदेशव्यापी ‘मॉक ड्रिल’ का आयोजन किया गया। यह अभ्यास राज्य सरकार के उन निर्देशों का हिस्सा था, जिसके तहत हर साल आपदा आने से पहले सरकारी मशीनरी की जंग छुड़ाई जाती है। पलवल में यमुना के पुल से लेकर सचिवालय तक प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखा, लेकिन फतेहाबाद में हुई एक्सरसाइज ने सरकारी दावों की हवा निकाल दी। यहां विभागों के बीच समन्वय की इतनी कमी दिखी कि खुद आला अधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ा।

पलवल: हाई-टेक कंट्रोल रूम से निगरानी, तैयारियों में दिखा दम

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पलवल जिला प्रशासन ने इस मॉक ड्रिल को बेहद गंभीरता से लिया। एसडीएम भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में सुबह 9 बजे ही सचिवालय की पार्किंग को ‘स्टेजिंग एरिया’ में बदल दिया गया। यमुना के मोहना बागपुर पुल पर जब रेस्क्यू ऑपरेशन का सीन तैयार किया गया, तो उसकी लाइव ब्रॉडकास्टिंग सीधे सचिवालय के कमरा नंबर 4 में बने कंट्रोल रूम तक पहुंच रही थी। प्रशासन ने न केवल मैनपावर, बल्कि फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और बिजली विभाग के संसाधनों को भी ऑन-ग्राउंड परखा। एसडीएम ने साफ किया कि पिछली बाढ़ के कड़वे अनुभवों से सीखते हुए इस बार जान-माल की हानि रोकने पर विशेष फोकस है।

फतेहाबाद: ‘फिसड्डी’ साबित हुए विभाग, खुली पोल

जहाँ पलवल में व्यवस्था चाक-चौबंद थी, वहीं फतेहाबाद में नजारा इसके ठीक उलट रहा। लघु सचिवालय में एनडीआरएफ और आर्मी के साथ शुरू हुई इस एक्सरसाइज में कई विभागों की घोर लापरवाही सामने आई।

जब एंबुलेंस ‘घायलों’ को लेकर अस्पताल पहुंची, तो वहां कोई रास्ता दिखाने वाला तक मौजूद नहीं था कि मरीजों को कहां शिफ्ट करना है। पुलिस का ट्रैफिक मैनेजमेंट इतना लाचर था कि बचाव दलों को भीड़ की वजह से ऑपरेशन में दिक्कत आई। डीसी ने खुद संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य और पुलिस विभाग की इन खामियों पर नाराजगी जताई। चौंकाने वाली बात यह रही कि बचाव दल बिना यह जाने बिल्डिंग में घुस गए कि घायल आखिर फंसे कहां हैं।

कैथल: शहर के बीचों-बीच परखी गई आपदा प्रबंधन क्षमता

कैथल में भी प्रशासन ने दो प्रमुख स्थानों—सरल केंद्र और गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल—को मॉक ड्रिल के लिए चुना। यहाँ आपदा की स्थिति में भीड़भाड़ वाले इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत सामग्री पहुंचाने का अभ्यास किया गया। इस कवायद का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि यदि शहर के बीचों-बीच जलभराव या कोई ढांचागत नुकसान होता है, तो बचाव दल कितनी तेजी से रेस्पोंड करते हैं।

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